Operation Vishwas: ऑपरेशन विश्वास के तहत 532 खोए और चोरी हुए मोबाइल लौटाए गए, दिल्ली पुलिस ने जीता लोगों का भरोसा
नई दिल्ली। जनता के विश्वास को मजबूत करने और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ईस्टर्न रेंज स्तर पर “ऑपरेशन विश्वास” मोबाइल फोन हैंडओवर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। महाराजा अग्रसेन कॉलेज, न्यू अशोक नगर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान ईस्टर्न रेंज के अंतर्गत बरामद किए गए 532 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इस पहल ने एक बार फिर नागरिक सेवा, पारदर्शी कार्यप्रणाली और तकनीक आधारित पुलिसिंग के प्रति दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) जोन-1, आईपीएस अधिकारी देवेश चंद्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जबकि ईस्टर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार, उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राहूल अलवाल, शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, एसीपी, एसएचओ, ब्रावो टीम और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत ड्रग अवेयरनेस और साइबर अवेयरनेस सत्रों से हुई, जिसमें नागरिकों को साइबर अपराधों, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इसके बाद “ऑपरेशन विश्वास” की अवधारणा और उपलब्धियों से सभी को अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्राचार्य को भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस नागरिक हितों की रक्षा, पारदर्शी पुलिसिंग और तकनीक आधारित जांच प्रणाली को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन विश्वास” सिर्फ खोई हुई संपत्ति लौटाने का अभियान नहीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने मोबाइल फोन की बरामदगी में शामिल पुलिस टीमों की सराहना करते हुए उनके समर्पण और मेहनत को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के सबसे महत्वपूर्ण चरण में बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लाभार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई और नागरिक हितैषी कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिल पाएंगे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने यह संभव कर दिखाया।
मोबाइल फोन बरामद करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और टीमों को भी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों की लगन, पेशेवर दक्षता और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
ईस्टर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने अपने संबोधन में कहा कि “ऑपरेशन विश्वास” पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला एक सराहनीय अभियान है। उन्होंने कहा कि ईस्ट, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी जिलों की पुलिस टीमों ने उत्कृष्ट समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने साइबर जागरूकता और तकनीक आधारित पुलिसिंग के महत्व पर भी जोर दिया।
मुख्य अतिथि विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि “ऑपरेशन विश्वास” दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ नेतृत्व और दिल्ली के उपराज्यपाल के मार्गदर्शन में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति जागरूकता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी एक सुरक्षित समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने मोबाइल फोन की सफल बरामदगी और कार्यक्रम के उत्कृष्ट आयोजन के लिए ईस्ट, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रृष्टि पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों, पुलिस अधिकारियों, आरडब्ल्यूए, एमडब्ल्यूए, पुलिस मित्रों तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। इसके बाद शेष बरामद मोबाइल फोन जिला और थाना स्तर पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके मालिकों को वितरित किए गए।
दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित पुलिसिंग के माध्यम से जनता के विश्वास को मजबूत करने और नागरिक कल्याण के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।



