Murder Case Solved: न्यू अशोक नगर में असिस्टेंट प्रोफेसर देबस्मिता पॉल हत्याकांड सुलझा, पति-पत्नी समेत नाबालिग गिरफ्तार
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर देबस्मिता पॉल की हत्या के मामले को ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्दवान से पति-पत्नी और एक नाबालिग को पकड़ लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे लंबे समय से चल रहा संपत्ति विवाद मुख्य वजह था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी वर्ष 2023 से पश्चिम बंगाल के बर्दवान स्थित उस पैतृक संपत्ति में रह रहे थे, जो पारिवारिक समझौते के तहत देबस्मिता पॉल को मिली थी। मृतका लगातार आरोपियों पर मकान खाली करने का दबाव बना रही थीं। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया। जांच में पता चला कि मृतका द्वारा अंतिम चेतावनी दिए जाने के बाद आरोपियों ने कथित रूप से उनकी हत्या की साजिश रची और 3 जून 2026 को वारदात को अंजाम देने के लिए दिल्ली पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से फरार हुए। वारदात के बाद उन्होंने टैक्सी और ऑटो का इस्तेमाल कर इलाके से दूरी बनाई। आरोपी आनंद विहार पहुंचे और वहां से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाकर 3 जून की शाम करीब 5:40 बजे पूर्वा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए। अगले दिन 4 जून को वे पश्चिम बंगाल के बर्दवान पहुंच गए।
मामले की जांच के दौरान ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। फुटेज में संदिग्धों को बिल्डिंग में आवाजाही करते हुए देखा गया। आरोपी कभी सीढ़ियों तो कभी लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपी बार-बार कपड़े बदल रहे थे और चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहे थे ताकि पहचान से बच सकें।
तकनीकी जांच और सीसीटीवी विश्लेषण के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपियों ने वारदात से पहले दिल्ली के दल्लूपुरा स्थित रेस्टिन गेस्ट हाउस में ठहराव किया था। गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड से पुलिस को सतीश निवासी नवादा, बिहार और सोमा चौधरी निवासी बर्दवान, पश्चिम बंगाल के नाम से आधार कार्ड मिले। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए दूसरे लोगों के आधार दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस ने मोबाइल नंबरों को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर लगाया और आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद 6 जून 2026 को दिल्ली पुलिस की टीम हवाई मार्ग से बर्दवान पहुंची और वहां भी सीसीटीवी ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने आरोपियों को पूर्वा एक्सप्रेस से उतरने के बाद रेलवे स्टेशन से ट्रैक किया और उनके ठिकाने तक पहुंच गई।
7 जून 2026 को पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामप्रशाद दास, उसकी पत्नी बनाश्री दास और एक नाबालिग शामिल है। रामप्रशाद दास की उम्र 42 वर्ष बताई गई है और वह बर्दवान में सैनिटरी की दुकान चलाता है। उसकी पत्नी बनाश्री दास 36 वर्ष की है और गृहिणी है। पुलिस फिलहाल आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाने की प्रक्रिया में जुटी है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतका का Samsung मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल किया गया उस्तरा, एक बैकपैक, वारदात के समय पहने गए कपड़े और कैप के साथ ट्रेन टिकट तथा यात्रा से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।
पूर्वी जिला पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। इस हत्याकांड के खुलासे को ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।



