Cyber Fraud Case: शाहदरा साइबर पुलिस ने ₹5.67 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा किया, मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली। शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने ₹5.67 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने म्यूल बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर पैसे के ट्रेल को छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने तकनीकी जांच, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की मदद से पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार 14 मई 2026 को दिलशाद गार्डन निवासी विनोद हीरा ने साइबर थाना शाहदरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह सरोजिनी नगर में बुटीक चलाते हैं और उनका बैंक खाता SBI दिलशाद गार्डन शाखा में है। उनके खाते में लगभग ₹5.80 लाख जमा थे और खाते का उपयोग काफी कम किया जाता था।
मई 2026 में उन्होंने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के नाम ₹6,500 का एक चेक जारी किया, लेकिन खाते में बैलेंस कम होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद जब उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली तो पता चला कि उनके खाते से बिना अनुमति के UPI ट्रांजैक्शन के जरिए ₹5,67,100 से अधिक रकम निकाल ली गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना शाहदरा में ई-एफआईआर संख्या 130/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। डीसीपी शाहदरा के निर्देश पर SHO साइबर विजय कुमार की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई संदीप कुमार, एएसआई अनिल कुमार और हेड कांस्टेबल विक्रांत शर्मा शामिल थे।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, IP लॉग, UPI ट्रेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम कई बैंक खातों के जरिए घुमाई गई थी। इनमें मनीष सिंह और आदिल सलमानी के बैंक खाते भी शामिल थे। पुलिस ने वित्तीय ट्रेल का पीछा करते हुए आखिरकार पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल साक्ष्य और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों में छापेमारी की। इसके बाद पुलिस ने श्री नगर रानी बाग निवासी 43 वर्षीय नितिन गुलाटी, राजा पार्क निवासी 27 वर्षीय आदिल सलमानी और श्री नगर रानी बाग निवासी 30 वर्षीय मनींदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि नितिन गुलाटी ही पूरे साइबर फ्रॉड का मास्टरमाइंड था। पुलिस के अनुसार नितिन, शिकायतकर्ता विनोद हीरा का सगा भतीजा है। उसने अपने ही चाचा के बैंक खाते से अवैध UPI ट्रांजैक्शन के जरिए रकम निकाली और फिर पैसे को छिपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम आखिर में नितिन गुलाटी से जुड़े खातों में ट्रांसफर की गई थी।
पुलिस ने बताया कि आदिल सलमानी और मनींदर सिंह ने जानबूझकर अपने बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने दिया ताकि धोखाधड़ी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर ट्रांजैक्शन ट्रेल को छिपाया जा सके। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने भी साइबर ठगी में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
शाहदरा पुलिस का कहना है कि मामले में महत्वपूर्ण डिजिटल और बैंकिंग सबूत सुरक्षित कर लिए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या आरोपियों ने इसी तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है।



