East Delhi Encroachment: पूर्वी दिल्ली में अतिक्रमण और गंदगी पर सख्त हुए DDC चेयरमैन डॉ. अनिल गोयल, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम कार्यालय में माह के अंतिम गुरुवार को डीडीसी चेयरमैन एवं कृष्णा नगर विधायक डॉ. अनिल गोयल की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिक्रमण हटाने, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, ट्रैफिक प्रबंधन, आवारा पशुओं की समस्या, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार, लक्ष्मी योजना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली पुलिस समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. अनिल गोयल ने अधिकारियों से कहा कि जनता से सीधे जुड़े मामलों में विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण के मुद्दे पर डॉ. अनिल गोयल ने विशेष रूप से चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में सुबह विभागों की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन शाम होते-होते फिर से वही स्थिति बन जाती है। इससे न केवल सरकारी कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित होता है, बल्कि आम लोगों को भी लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसे स्थानों पर स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
डॉ. गोयल ने कहा कि सड़क, फुटपाथ और बाजारों को अतिक्रमण मुक्त रखना किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से काम करना होगा। जिन स्थानों पर बार-बार अतिक्रमण हो रहा है, वहां प्रभावी कार्रवाई के साथ नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि अतिक्रमण हटाने के कुछ घंटे बाद ही दोबारा कब्जा न हो सके।
सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान भी डीडीसी चेयरमैन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य बाजारों और अधिक भीड़ वाले इलाकों में कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। डॉ. गोयल ने प्रमुख बाजारों में कूड़ा उठाने की व्यवस्था तीन शिफ्ट में संचालित करने का सुझाव दिया, जिससे पूरे दिन सफाई बनी रहे और बाजारों में कूड़े के ढेर जमा न हों।
स्वच्छ दिल्ली अभियान के तहत इस्तेमाल किए जा रहे कॉम्पैक्टर वाहनों की कार्यक्षमता और कूड़ा संग्रहण व्यवस्था पर भी बैठक में चर्चा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिन क्षेत्रों से सफाई नहीं होने या समय पर कूड़ा नहीं उठाए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, वहां विशेष निगरानी कर व्यवस्था में सुधार किया जाए।
पूर्वी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। समीक्षा के दौरान अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण तथा सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को यातायात बाधित होने के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्ययोजना तैयार करें और समस्या वाले स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं, विशेषकर गायों की समस्या पर भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया। डॉ. गोयल ने निर्देश दिए कि पशुओं को सुरक्षित तरीके से सड़कों से हटाने और उचित स्थान तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए। सड़क पर आवारा पशुओं की मौजूदगी से ट्रैफिक जाम के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में संबंधित विभागों को इस समस्या का स्थायी और व्यवस्थित समाधान निकालने को कहा गया।
बैठक में पूर्वी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विस्तृत चर्चा हुई। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़ाने और लोगों को उनके घरों के नजदीक बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया, जहां अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है।
लक्ष्मी योजना की प्रगति की भी बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार योजना से जुड़े अधिकांश कार्य पूरे किए जा चुके हैं और पूर्वी दिल्ली में बड़ी संख्या में आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। डॉ. अनिल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो और लंबित मामलों का भी जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। पूर्वी दिल्ली के स्कूलों में 70 हजार से अधिक पेड़ लगाने की योजना पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इस अभियान के माध्यम से स्कूल परिसरों और आसपास के इलाकों में हरियाली बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए डॉ. अनिल गोयल ने अधिकारियों से योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने को कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे और आम जनता को अपने काम के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
डॉ. गोयल ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि सफाई, अतिक्रमण, ट्रैफिक और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं कई विभागों से जुड़ी होती हैं। ऐसे मामलों में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय संयुक्त रूप से समाधान निकालना जरूरी है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में डॉ. अनिल गोयल ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समीक्षा बैठक में लिए गए फैसले केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। प्रत्येक निर्णय का निर्धारित समयसीमा के भीतर पालन किया जाए और उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली के लोगों को बेहतर सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण मुक्त सड़कें और फुटपाथ, सुचारू यातायात तथा मजबूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में शाहदरा साउथ जोन के चेयरमैन यशपाल सिंह कैन्तुरा, विधायक संजय गोयल समेत दिल्ली जल बोर्ड, PWD, DDA, MCD, दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



