Ghazipur Arms Arrest: गाजीपुर में अवैध हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद
पूर्वी दिल्ली। गाजीपुर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खिचड़ीपुर गांव निवासी अजाज अहमद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त 2026 की शाम गाजीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इस दौरान इलाके में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग भी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि अपराध की रोकथाम और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर निगरानी कर रहे थे।
इसी दौरान पेपर मार्केट के पास DDA पार्क के नजदीक पुलिसकर्मियों की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी। पुलिस के मुताबिक, पुलिस टीम को देखकर युवक ने कथित तौर पर अपना रास्ता बदलने की कोशिश की और वहां से निकलने का प्रयास करने लगा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे रोक लिया।
पुलिस टीम ने युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कथित तौर पर एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। अवैध हथियार मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बरामद कट्टे और कारतूस को कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में लेकर जब्त किया गया।
पूछताछ और पहचान की प्रक्रिया के दौरान आरोपी की पहचान अजाज अहमद के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी खिचड़ीपुर गांव का रहने वाला है। अवैध हथियार की बरामदगी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
इस मामले में गाजीपुर थाने में FIR नंबर 447/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी के पास कथित अवैध हथियार कहां से आया। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने देसी कट्टा और कारतूस किस व्यक्ति से हासिल किया था और हथियार रखने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी का किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध है या नहीं। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं आरोपी किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में तो नहीं था, जो दिल्ली या आसपास के क्षेत्रों में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त या सप्लाई में शामिल हो।
आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस अवैध हथियार के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस के लिए हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति या नेटवर्क की पहचान करना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन का पता चलने पर इससे जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली में अपराध की रोकथाम के लिए नियमित पेट्रोलिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग लगातार की जा रही है। विशेष रूप से ऐसे इलाकों और स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाती है, जहां संदिग्ध गतिविधियों की संभावना रहती है।
पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल हथियार रखने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि यह भी पता लगाना है कि हथियार कहां से आया और उसे किस उद्देश्य से रखा गया था। अवैध हथियार किसी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल होने की आशंका को देखते हुए ऐसे मामलों में हथियार के स्रोत की जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है।
गाजीपुर थाना पुलिस अब आरोपी की पृष्ठभूमि और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि क्या आरोपी के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है या वह किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि में शामिल रहा है। इसके साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक, नियमित पेट्रोलिंग और चेकिंग के दौरान हुई इस कार्रवाई से एक अवैध हथियार पुलिस के कब्जे में आया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध रोकने और किसी संभावित वारदात को पहले ही रोकने के लिए इस तरह की चेकिंग और निगरानी जारी रहेगी।
फिलहाल आरोपी अजाज अहमद पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस बरामद देसी कट्टे और जिंदा कारतूस के स्रोत का पता लगाने के साथ यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के कथित तौर पर किसी अन्य अपराध या अवैध हथियारों से जुड़े नेटवर्क से संबंध हैं या नहीं। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी अन्य परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।



