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Jhilmil Rain Damage: बारिश में उजड़ा बुजुर्ग महिला का आशियाना, मदद को आगे आए समाजसेवी सतीश लूथरा; नई झुग्गी बनवाकर दी छत

Jhilmil Rain Damage: बारिश में उजड़ा बुजुर्ग महिला का आशियाना, मदद को आगे आए समाजसेवी सतीश लूथरा; नई झुग्गी बनवाकर दी छत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हुई तेज बारिश ने जहां उमस और गर्मी से राहत पहुंचाई, वहीं झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले कई परिवारों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दीं। शाहदरा जिले के झिलमिल इलाके में बारिश के दौरान एक बुजुर्ग महिला की झुग्गी गिर गई। आर्थिक रूप से कमजोर महिला के सामने सबसे बड़ी समस्या सिर छुपाने के लिए दोबारा छत तैयार करने की थी। ऐसे मुश्किल समय में शाहदरा के विधायक संजय गोयल की पहल पर समाजसेवी सतीश लूथरा मदद के लिए आगे आए और बुजुर्ग महिला के लिए नई झुग्गी तैयार करवाई।

बताया गया कि तेज बारिश के कारण बुजुर्ग महिला की झुग्गी इतनी क्षतिग्रस्त हो गई कि उसमें रहना संभव नहीं था। अचानक आशियाना छिन जाने के बाद महिला के पास बारिश और मौसम से बचने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची। मजबूरी में उसे अपने सामान के साथ खुले आसमान के नीचे त्रिपाल लगाकर रहना पड़ा।

बारिश के बीच त्रिपाल ही बुजुर्ग महिला की अस्थायी छत बन गया। दिन के साथ रात भी इसी व्यवस्था में गुजारनी पड़ रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण तुरंत निर्माण सामग्री खरीदकर झुग्गी दोबारा खड़ी करना संभव नहीं था। ऐसे में बारिश जारी रहने पर महिला की परेशानी और बढ़ने की आशंका थी।

स्थानीय स्तर पर बुजुर्ग महिला की स्थिति की जानकारी शाहदरा के विधायक संजय गोयल तक पहुंची। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने महिला की मदद के लिए समाजसेवी और भाजपा शाहदरा जिला खेल प्रकोष्ठ से जुड़े सतीश लूथरा से संपर्क किया।

इसके बाद सतीश लूथरा ने बुजुर्ग महिला के लिए दोबारा आशियाना तैयार कराने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने अपने स्तर पर निर्माण के लिए जरूरी सामान की व्यवस्था करवाई और झुग्गी बनाने का काम शुरू कराया। महिला को जल्द से जल्द सुरक्षित छत मिल सके, इसके लिए निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया गया।

सतीश लूथरा खुद भी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की निगरानी की। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि झुग्गी को दोबारा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उपयोग के लायक और मजबूत हो, ताकि महिला को बारिश और मौसम की मार से बचाया जा सके।

मदद की खास बात यह रही कि बुजुर्ग महिला की नई झुग्गी तैयार करने के लिए पुराने या खराब सामान पर निर्भर रहने के बजाय बाजार से नया सामान मंगवाया गया। इसके बाद नई सामग्री से महिला के रहने के लिए झुग्गी तैयार की गई।

कुछ समय पहले तक बारिश के बीच त्रिपाल के नीचे रात बिताने को मजबूर बुजुर्ग महिला को नई झुग्गी तैयार होने के बाद बड़ी राहत मिली। सिर पर दोबारा छत मिलने से उसे बारिश के दौरान खुले में रहने की मजबूरी से छुटकारा मिला और अपने सामान को सुरक्षित रखने की जगह भी मिल गई।

नई झुग्गी तैयार होने के बाद बुजुर्ग महिला ने शाहदरा विधायक संजय गोयल और समाजसेवी सतीश लूथरा का आभार जताया। महिला ने मदद करने वालों को दुआएं देते हुए कहा कि मुश्किल समय में मिली इस सहायता से उसे बड़ी राहत मिली है।

समाजसेवी सतीश लूथरा ने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना केवल सामाजिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानियत की सेवा भी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के सामने अचानक कोई संकट आने पर समाज के सक्षम लोगों को उसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।

लूथरा के मुताबिक वह भविष्य में भी अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने का प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कई बार किसी व्यक्ति के लिए सामान्य दिखाई देने वाली सहायता भी संकट में फंसे परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत साबित हो सकती है।

बारिश में झुग्गी गिरने के बाद बुजुर्ग महिला के सामने तत्काल आश्रय का संकट पैदा हो गया था। ऐसी स्थिति में विधायक संजय गोयल के माध्यम से समस्या सामने आने और सतीश लूथरा की ओर से निर्माण की जिम्मेदारी लेने के बाद महिला को दोबारा रहने की जगह मिल सकी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बारिश के दौरान झुग्गियों और कमजोर ढांचों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं। पानी भरने, छत टपकने या अस्थायी ढांचे गिरने जैसी घटनाओं का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ता है, क्योंकि उनके लिए नुकसान के बाद तुरंत दोबारा निर्माण कर पाना आसान नहीं होता।

झिलमिल में बुजुर्ग महिला की मदद के लिए की गई इस पहल ने स्थानीय स्तर पर सामाजिक सहयोग का उदाहरण पेश किया है। बारिश में अपना आशियाना गंवाने के बाद जिस महिला को त्रिपाल के नीचे रात गुजारनी पड़ रही थी, उसे नई झुग्गी मिलने से एक बार फिर सुरक्षित छत मिल गई।

 

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