CJP Protest Delhi: संसद मार्ग थाने के बाहर CJP का प्रदर्शन, निशु आजाद के पिता पर कथित हमले में कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।
निशु आजाद इससे पहले जंतर-मंतर पर आयोजित धरने में शामिल रही हैं। CJP का आरोप है कि उनके पिता संजय कुमार पर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के युवक ने कथित तौर पर हमला किया था। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए।
इसी मांग को लेकर CJP नेता सौरव दास अन्य कार्यकर्ताओं के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस से मामले में अब तक हुई जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल किए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट या हमला होने की शिकायत पर निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले को लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी पक्ष रखा गया। निशु आजाद, चंद्रशेखर आजाद, सौरव दास और आशुतोष रांका डीसीपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने संजय कुमार पर हुए कथित हमले का मुद्दा उठाया और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे पुलिस से आरोपी के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।
इस पूरे मामले ने उस समय दोबारा ध्यान खींचा, जब स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट से जुड़े कथित बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर होने लगी। वायरल दावों के मुताबिक पॉडकास्ट में संजय कुमार पर कथित हमले का जिक्र करते हुए जेल नहीं जाने और राजनीतिक लोगों से पहचान होने जैसी बातें कही गईं। हालांकि इन वायरल दावों, उनके संदर्भ और कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
CJP कार्यकर्ताओं ने इस कथित बयान को भी जांच का हिस्सा बनाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी सार्वजनिक मंच पर घटना से संबंधित कोई दावा या स्वीकारोक्ति की गई है तो पुलिस को उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। इसके लिए मूल वीडियो, बयान के संदर्भ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल किए जाने की मांग की गई।
वहीं, इस मामले को लेकर निशु आजाद ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मदद की अपील की थी। निशु की अपील के बाद राहुल गांधी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई और उन्होंने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को उठाते हुए सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि निशु को छात्रों और अपने समुदाय से जुड़े अधिकारों की आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने निशु के पिता पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल किया। इसके साथ ही उन्होंने निशु को भरोसा दिलाया कि न्याय की उनकी लड़ाई में वह उनके साथ हैं। राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया।
हालांकि CJP और राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। कथित हमले की परिस्थितियां, आरोपी की भूमिका और मामले में आपराधिक जिम्मेदारी पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ताओं का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि मामले की जांच बिना किसी दबाव या प्रभाव के होनी चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर पुलिस को तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
CJP नेता सौरव दास और अन्य कार्यकर्ताओं ने संजय कुमार तथा निशु आजाद को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, वे इसे अलग-अलग मंचों पर उठाते रहेंगे।
इस मामले में सोशल मीडिया पर सामने आए दावों ने विवाद को और बढ़ाया है। खासतौर पर पॉडकास्ट से जुड़े कथित बयान को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल हो रही सामग्री का वास्तविक संदर्भ क्या है और उसका कथित हमले के मामले से क्या संबंध है।
फिलहाल CJP की मांग है कि संजय कुमार पर हुए कथित हमले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। अब पुलिस की जांच और आगे उठाए जाने वाले कदमों के बाद ही मामले से जुड़े आरोपों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।



