Garbage Problem: भिकम सिंह कॉलोनी के बाहर कूड़े-मलबे का अंबार, दीवार पर लिखा ‘कूड़ा डालना सख्त मना’ फिर भी नहीं थम रही गंदगी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली की भिकम सिंह कॉलोनी के बाहर इन दिनों कूड़े और निर्माण सामग्री के मलबे का अंबार लगा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर लगातार गंदगी जमा हो रही है, उसी दीवार पर साफ शब्दों में लिखा है कि यहां कूड़ा और मलबा डालना सख्त मना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई है, लेकिन मौके की स्थिति इस चेतावनी के असर पर सवाल खड़े कर रही है। बड़ी मात्रा में जमा कूड़ा और मलबा न केवल इलाके की तस्वीर खराब कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बन रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस स्थान पर लगातार कूड़ा और निर्माण कार्य से निकला मलबा डाला जा रहा है। समय पर सफाई नहीं होने के कारण धीरे-धीरे यहां बड़ा ढेर बन गया है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इलाके की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। लोगों का सवाल है कि जब प्रशासन ने यहां कूड़ा और मलबा डालने पर रोक लगाई हुई है तो फिर नियम का पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी निगरानी क्यों नहीं की जा रही।
मौके पर मौजूद दीवार पर कूड़ा और मलबा नहीं डालने की चेतावनी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इसके साथ नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की बात भी लिखी गई है। इसके बावजूद ठीक उसी दीवार के सामने बड़ी मात्रा में कूड़ा और मलबा जमा होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चेतावनी लिख देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियम तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी करनी होगी।
इस समस्या को लेकर सबसे बड़ा सवाल निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है। यदि यहां लगातार लोग कूड़ा और मलबा डाल रहे हैं तो अब तक ऐसे कितने लोगों की पहचान की गई और कितने लोगों पर जुर्माना लगाया गया, इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल हैं। लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई होने पर ही इस स्थान को दोबारा कूड़ा डालने का अड्डा बनने से रोका जा सकता है। साथ ही जमा कूड़े और मलबे को जल्द हटाकर इलाके की सफाई कराने की भी मांग की जा रही है।
मामले को लेकर निगम पार्षद से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि संबंधित व्यवस्था विधायक के अंतर्गत आती है। हालांकि उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिम्मेदारी किसी भी विभाग की हो, वह स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए स्थिति सुधारने के लिए प्रयास करेंगे। पार्षद ने कहा कि इलाके की सूरत और रंगत बदलने तथा लोगों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
पार्षद ने यह भी कहा कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति यहां दोबारा कूड़ा या मलबा डालते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे और क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश होगी। अब स्थानीय लोगों को इंतजार है कि मौके पर जमा कूड़ा और मलबा कब तक हटाया जाता है और भविष्य में यहां दोबारा गंदगी जमा न हो, इसके लिए क्या ठोस व्यवस्था की जाती है।
दूसरी तरफ मौके की तस्वीरें प्रशासनिक चेतावनी और जमीनी स्थिति के बीच अंतर दिखा रही हैं। एक तरफ दीवार पर बड़े अक्षरों में कूड़ा और मलबा डालने की मनाही तथा जुर्माने की चेतावनी लिखी है, वहीं दूसरी तरफ उसी स्थान पर गंदगी का ढेर दिखाई दे रहा है। ऐसे में केवल चेतावनी लिखना पर्याप्त नहीं माना जा सकता, जब तक उसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में जमा कूड़ा लंबे समय तक पड़ा रहने से दुर्गंध के साथ मच्छर और अन्य समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। निर्माण सामग्री का मलबा भी सार्वजनिक स्थान को घेरता है और आसपास की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में समस्या को केवल सौंदर्य या सफाई तक सीमित न रखकर सार्वजनिक सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़े विषय के रूप में भी देखने की जरूरत है।
अब सवाल यह है कि चेतावनी के बावजूद यहां कूड़ा और मलबा डालने का सिलसिला कैसे जारी रहा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई। यदि नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने का प्रावधान है तो उसका प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं, यह भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ा सवाल बना हुआ है। साथ ही यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि इस स्थान की नियमित सफाई और निगरानी की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी के पास है।
भिकम सिंह कॉलोनी के बाहर जमा कूड़े-मलबे की समस्या ने स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी दोनों पर सवाल खड़े किए हैं। पार्षद ने जल्द स्थिति सुधारने और दोबारा गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि मौके से कूड़ा और मलबा कितनी जल्दी हटाया जाता है और भविष्य में इस स्थान को दोबारा डंपिंग प्वाइंट बनने से रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।



