MCD Action: लक्ष्मी नगर में होटल पर सीलिंग की कार्रवाई के दौरान हंगामा, आठ कमरे सील; संचालक को 24 घंटे की मोहलत
नई दिल्ली। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही इमारतों के खिलाफ MCD की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में MCD की टीम दिल्ली पुलिस के साथ एक होटल को सील करने पहुंची। टीम होटल के दो फ्लोर पर बने करीब आठ कमरों को सील कर चुकी थी, तभी होटल मालिक संदीप मौके पर पहुंच गया और आगे की कार्रवाई को लेकर MCD कर्मचारियों के साथ विवाद शुरू हो गया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद होटल संचालक को अंदर रखा जरूरी सामान निकालने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है, जिसके बाद MCD की ओर से आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
जानकारी के मुताबिक, MCD के जूनियर इंजीनियर अपनी टीम और पुलिसकर्मियों के साथ होटल पर पहुंचे थे। इसके बाद होटल की सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई और दो फ्लोर पर मौजूद करीब आठ कमरों को सील कर दिया गया। इसी बीच होटल मालिक संदीप वहां पहुंचा और MCD की कार्रवाई का विरोध करते हुए कर्मचारियों को आगे की सीलिंग करने से रोकने लगा। देखते ही देखते मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और होटल मालिक तथा निगम कर्मचारियों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही।
विवाद बढ़ता देख MCD के जूनियर इंजीनियर ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की। इसके बाद संबंधित थाने से अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा गया। पुलिस की मौजूदगी में MCD अधिकारियों और होटल संचालक के बीच बातचीत हुई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद फिलहाल होटल संचालक को होटल के अंदर मौजूद जरूरी सामान बाहर निकालने के लिए 24 घंटे का समय देने का फैसला किया गया।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर MCD होटल को सील करने क्यों पहुंची थी। MCD के मुताबिक होटल के संचालन के लिए आवश्यक फायर NOC उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा होटल संचालक के पास मौजूद लाइसेंस Bed and Breakfast यानी B&B श्रेणी का बताया गया है। निगम का कहना है कि B&B लाइसेंस के तहत सीमित संख्या में कमरों के इस्तेमाल और संचालन की अनुमति होती है, जबकि आरोप है कि इसी लाइसेंस की आड़ में पूरे होटल का संचालन किया जा रहा था।
MCD अधिकारियों के अनुसार, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों से जुड़े इन्हीं कथित उल्लंघनों को देखते हुए होटल के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई। पहले चरण में होटल के दो फ्लोर के करीब आठ कमरों को सील कर दिया गया। बाकी हिस्से पर कार्रवाई के दौरान होटल मालिक के विरोध के बाद मामला कुछ समय के लिए रुक गया। अब 24 घंटे की मोहलत पूरी होने के बाद निगम की टीम आगे की कार्रवाई कर सकती है।
इस कार्रवाई के दौरान होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मौके की तस्वीरों में होटल के प्रवेश की तरफ जाने वाला रास्ता काफी संकरा दिखाई दे रहा है। मौके पर यह दावा किया गया कि आने-जाने के लिए करीब दो फुट की जगह उपलब्ध है। ऐसे में किसी आग या दूसरी आपात स्थिति में होटल के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि रास्ते की वास्तविक चौड़ाई और भवन सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति संबंधित विभाग के तकनीकी निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फायर NOC नहीं होने का MCD का दावा इस मामले में महत्वपूर्ण है, क्योंकि होटल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं। किसी आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी का रास्ता, अग्निशमन उपकरण और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन लोगों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा होता है। अब संबंधित विभागों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि होटल में आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं और संचालन के दौरान किन नियमों का कथित तौर पर उल्लंघन किया गया।
दिल्ली में हाल के भवन हादसों के बाद MCD ने अलग-अलग इलाकों में इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच तेज की है। सत्य निकेतन हादसे के बाद खास तौर पर अवैध निर्माण, खतरनाक इमारतों और नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई देखने को मिल रही है। लक्ष्मी नगर में होटल पर हुई कार्रवाई को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में होटल संचालक को फिलहाल अपना जरूरी सामान निकालने के लिए 24 घंटे की मोहलत मिली है। इसके बाद MCD की टीम दोबारा मौके पर पहुंचकर सीलिंग की आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। इस दौरान होटल संचालक को अपने लाइसेंस, फायर NOC और भवन से संबंधित अन्य दस्तावेजों को लेकर विभाग के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिल सकता है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि 24 घंटे की समय-सीमा पूरी होने के बाद MCD होटल के बाकी हिस्से पर क्या कार्रवाई करती है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि होटल के पास उपलब्ध B&B लाइसेंस के तहत कितने कमरों के संचालन की अनुमति थी और मौके पर वास्तव में कितने कमरों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था। फायर NOC और सुरक्षित निकासी से जुड़े सवालों पर भी संबंधित विभाग की आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण होगी।
लक्ष्मी नगर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिल्ली में होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था तथा लाइसेंस नियमों के पालन का मुद्दा सामने ला दिया है। एक तरफ MCD नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर सीलिंग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ होटल संचालक ने मौके पर कार्रवाई का विरोध किया। फिलहाल आठ कमरों को सील किया जा चुका है और 24 घंटे की मोहलत के बाद आगे की कार्रवाई पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।



