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Stock Market Fraud: टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा देकर ₹1 लाख की ठगी, ईस्ट दिल्ली साइबर पुलिस ने जयपुर से आरोपी को किया गिरफ्तार

Stock Market Fraud: टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा देकर ₹1 लाख की ठगी, ईस्ट दिल्ली साइबर पुलिस ने जयपुर से आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। ईस्ट दिल्ली की साइबर पुलिस ने ऑनलाइन स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर हुई एक लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान के जयपुर से 26 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, KYC दस्तावेजों और CCTV फुटेज की मदद से आरोपी की कथित भूमिका का पता लगाया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से Samsung Galaxy S23 Ultra मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक, मामला ऑनलाइन स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर की गई वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है। पीड़ित को Telegram ग्रुप के माध्यम से स्टॉक मार्केट से संबंधित गतिविधियों और निवेश के कथित अवसरों के बारे में जानकारी दी गई थी। आरोप है कि ज्यादा लाभ और निवेश से जुड़े अवसरों का भरोसा दिलाकर पीड़ित को रकम ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया गया।

पीड़ित ने बताए गए निर्देशों के आधार पर एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में धोखाधड़ी का एहसास होने पर मामले की शिकायत National Cyber Crime Reporting Portal पर की गई। शिकायत के आधार पर 7 जुलाई 2026 को Cyber Police Station East में E-FIR नंबर 284/2026 दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू की गई।

साइबर पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती ठगी की रकम के पूरे वित्तीय ट्रेल का पता लगाना था। जांच टीम ने पीड़ित द्वारा ट्रांसफर की गई रकम से संबंधित बैंकिंग रिकॉर्ड जुटाए और यह पता लगाने का प्रयास किया कि एक लाख रुपये आखिर किस खाते में पहुंचे थे।

पुलिस के मुताबिक, वित्तीय लेनदेन की जांच में सामने आया कि ठगी की एक लाख रुपये की रकम HDFC Bank के एक खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित बैंक से खाते का विवरण, KYC दस्तावेज और Account Opening Form हासिल किया।

बैंक से मिले दस्तावेजों की जांच करने पर संबंधित खाता कुलदीप सिंह के नाम पर होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, खाताधारक का पता जयपुर, राजस्थान का मिला। इसके बाद जांच टीम ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि खाते में आई रकम को किसने निकाला और इस बैंक खाते का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था।

पुलिस ने रकम की निकासी और संदिग्ध व्यक्ति के बीच संबंध स्थापित करने के लिए संबंधित बैंक शाखा की CCTV फुटेज हासिल की। जांच के दौरान चेक के माध्यम से रकम निकालने वाले व्यक्ति की तस्वीर CCTV रिकॉर्डिंग में दिखाई दी।

इसके बाद CCTV में दिखाई देने वाले व्यक्ति की तस्वीर का बैंक के KYC रिकॉर्ड और Account Opening Form में मौजूद खाताधारक की तस्वीर से मिलान किया गया। पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज में रकम निकालता दिखाई देने वाला व्यक्ति कुलदीप सिंह से मेल खाता पाया गया।

बैंक रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, Account Opening Form और CCTV फुटेज से मिले तथ्यों को जोड़ने के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसकी कथित भूमिका स्थापित करने का दावा किया। इसके बाद ईस्ट दिल्ली साइबर पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जयपुर पहुंची।

जयपुर में पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन किया और आरोपी की मौजूदगी के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद कुलदीप सिंह को पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे मामले में कथित ऑनलाइन फ्रॉड और उसके साथ जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले में अपनी कथित संलिप्तता स्वीकार की और कुछ सहयोगियों के नाम भी बताए हैं। हालांकि पुलिस अभी इन लोगों की पहचान, उनकी वास्तविक भूमिका और आरोपी द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि कर रही है। जांच पूरी होने से पहले इन दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है।

आरोपी के कब्जे से Samsung Galaxy S23 Ultra मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। साइबर पुलिस अब मोबाइल फोन और उसमें उपलब्ध संभावित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और ऑनलाइन निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था।

पुलिस अन्य बैंक खातों और डिजिटल पहचान से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पीड़ित से ठगी गई रकम आगे किन खातों में भेजी गई या निकाली गई और क्या इस तरह के अन्य लेनदेन भी संबंधित खातों से किए गए थे।

जांच एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि Telegram ग्रुप का संचालन कौन कर रहा था, पीड़ितों से संपर्क किस तरह किया जाता था और रकम ट्रांसफर कराने के बाद उसे निकालने या दूसरे खातों में भेजने की प्रक्रिया में कितने लोग शामिल थे।

इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क ने किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरीके से निशाना बनाया है या नहीं। बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच से अतिरिक्त पीड़ितों या लेनदेन की जानकारी सामने आने की संभावना को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

ईस्ट दिल्ली पुलिस ने लोगों को ऑनलाइन स्टॉक मार्केट और निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि Telegram, WhatsApp, सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी अनजान व्यक्ति या ग्रुप की ओर से मिलने वाले निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करना चाहिए।

लोगों को किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म या व्यक्ति की विश्वसनीयता की जांच करने के बाद ही पैसे ट्रांसफर करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग क्रेडेंशियल जैसी संवेदनशील वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने को कहा गया है।

पुलिस ने कहा है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने की स्थिति में जल्द से जल्द शिकायत करना महत्वपूर्ण है। पीड़ित National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराने के साथ Cyber Crime Helpline 1930 पर संपर्क कर सकते हैं, ताकि संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को समय रहते ट्रेस और फ्रीज करने का प्रयास किया जा सके।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस उसके कथित सहयोगियों, अन्य बैंक खातों, डिजिटल संपर्कों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित नेटवर्क के आकार और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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