Trilokpuri Sanitation Worker Case: सफाईकर्मी दीपक की मौत पर सियासी विवाद तेज, AAP पार्षद विजय कुमार पर FIR; हर्ष मल्होत्रा ने लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में नगर निगम के सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी के त्रिलोकपुरी पार्षद विजय कुमार पर दीपक के आर्थिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कल्याणपुरी थाना पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को विजय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ पार्षद विजय कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
मामले को लेकर हर्ष मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि दीपक कई वर्षों से त्रिलोकपुरी वार्ड में नगर निगम के सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। दीपक अपने परिवार के लिए मकान चाहते थे और इसी सिलसिले में उन्होंने स्थानीय पार्षद विजय कुमार से कथित तौर पर मदद मांगी थी।
मल्होत्रा का आरोप है कि करीब एक साल पहले दीपक के नाम पर लगभग 15 लाख रुपये का लोन कराया गया और इसके बाद रकम कथित तौर पर पार्षद से जुड़े खाते में ट्रांसफर हो गई। भाजपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि दीपक की हस्ताक्षरित चेकबुक पार्षद के पास थी और कई महीनों तक उनके वेतन से जुड़ी रकम भी निकाली जाती रही। ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और इनकी सत्यता पुलिस जांच का विषय है।
हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि दीपक जब मकान या लोन की रकम को लेकर जवाब मांगते थे तो उन पर दबाव बनाया जाता था। भाजपा की ओर से कमीशन मांगने और ट्रांसफर की धमकी देने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन दावों को अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं किया गया है और पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, दीपक ने 1 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिवार की ओर से मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की गई। शिकायत में आर्थिक लेनदेन और कथित उत्पीड़न से संबंधित आरोप लगाए गए। कानूनी प्रक्रिया के बाद कल्याणपुरी थाना पुलिस ने 14 सितंबर को पार्षद विजय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित प्रावधान के तहत FIR दर्ज की।
मामला सामने आने के बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भी दीपक के परिवार से मुलाकात की। हर्ष मल्होत्रा के मुताबिक, विधायक रविकांत और रविंद्र नेगी, पार्षद प्रियंका गौतम तथा पूर्व उपमहापौर राजकुमार ढिल्लो की चार सदस्यीय टीम ने परिवार से संपर्क किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में सहयोग किया।
इस मामले में पार्षद विजय कुमार का पक्ष भी सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी कर्मचारी को लोन नहीं दिलाया और उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया जा रहा है। ऐसे में पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और पार्षद के पक्ष की जांच कर रही है।
हर्ष मल्होत्रा ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर भी राजनीतिक हमला किया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज और त्रिलोकपुरी विधायक कुलदीप कुमार से सवाल किया कि पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पार्टी की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने AAP नेतृत्व से विजय कुमार के खिलाफ कदम उठाने की मांग की है।
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि त्रिलोकपुरी वार्ड में कुछ अन्य कर्मचारी भी कथित तौर पर दबाव और शोषण का सामना कर रहे हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है और किसी अन्य कर्मचारी से संबंधित आरोपों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा आर्थिक लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना है। 15 लाख रुपये के कथित लोन, रकम के ट्रांसफर, बैंक खाते, चेकबुक और वेतन से संबंधित लेनदेन के बारे में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
इस मामले में FIR दर्ज होना पार्षद विजय कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के न्यायिक रूप से साबित होने के बराबर नहीं है। पुलिस जांच और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया से ही यह तय होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
दीपक की मौत के बाद शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप भी ले चुका है। भाजपा इसे लेकर AAP नेतृत्व से जवाब मांग रही है, जबकि आरोपी बनाए गए पार्षद ने आरोपों से इनकार किया है। फिलहाल कल्याणपुरी थाना पुलिस मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।



