MCD Demolition Drive: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, 39 जगह चला बुलडोजर; 6 प्रॉपर्टी सील
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में अनधिकृत और खतरनाक निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को निगम ने दिल्ली के सभी 12 जोन में कार्रवाई करते हुए 39 स्थानों पर तोड़फोड़ की। इसके अलावा छह संपत्तियों को सील किया गया और पांच अन्य संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए।
MCD की कार्रवाई दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ की गई। इसमें शकरपुर, गीता कॉलोनी, पांडव नगर, अशोक विहार फेज-2, केशवपुरम, रमेश नगर, मानकपुरा, पहाड़गंज, शाहीन बाग, संत नगर और तुगलकाबाद एक्सटेंशन सहित कई इलाके शामिल रहे।
नगर निगम के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान उन निर्माणों को निशाना बनाया गया, जहां दिल्ली मास्टर प्लान और निर्धारित बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन पाया गया था। इसके साथ ऐसी इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक माना जा रहा है।
दिल्ली में यह अभियान सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद और तेज किया गया है। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद राजधानी में PG, हॉस्टल और अन्य बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा तथा अनधिकृत निर्माण को लेकर सवाल उठे थे।
हादसे के बाद MCD ने दिल्ली के सभी 12 जोन में इमारतों की जांच और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों पर नजर बढ़ाई गई है, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG और किराये के मकानों में रहते हैं।
गुरुवार की कार्रवाई से एक दिन पहले बुधवार को भी MCD ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। उस दिन दिल्ली में 46 स्थानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई थी और 11 संपत्तियों को सील किया गया था। लगातार दो दिनों की कार्रवाई में निगम ने दर्जनों अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कदम उठाए हैं।
MCD ने फील्ड अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण की पहचान होते ही निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाए।
सत्य निकेतन हादसे के बाद PG के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारतों की जांच पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निगम यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इन इमारतों का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार हुआ है या नहीं और उनमें सुरक्षा से संबंधित आवश्यक नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
MCD की ओर से दिल्ली में PG की मैपिंग और सर्वे का काम भी शुरू किया गया है। शुरुआती चरण में 1,300 से अधिक PG इमारतों का सर्वे किया जा चुका है। जांच के दौरान कुछ इमारतों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत और कुछ में छोटे स्तर पर सुधार की आवश्यकता सामने आई है।
नगर निगम ने अनधिकृत रूप से बनाई गई अतिरिक्त मंजिलों को लेकर भी सख्ती बढ़ाई है। विशेष रूप से बिना मंजूरी बनाई जा रही पांचवीं मंजिल पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले से बनी ऐसी मंजिलों की भी जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की कार्रवाई केवल दक्षिण दिल्ली तक सीमित नहीं रखी गई है। पांडव नगर, लक्ष्मी नगर, गीता कॉलोनी और शाहीन बाग से लेकर उत्तरी, पश्चिमी और मध्य दिल्ली के इलाकों तक अभियान चलाया जा रहा है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य उन इमारतों और निर्माणों की पहचान करना है, जहां नियमों के उल्लंघन के कारण लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसके लिए फील्ड स्तर पर निरीक्षण और निर्माण गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई गई है।
MCD ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनधिकृत और खतरनाक निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सभी 12 जोन के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और उल्लंघन मिलने पर डिमोलिशन, सीलिंग या अन्य निर्धारित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी में इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया है। ऐसे में MCD का फोकस अब केवल पहले से चिह्नित अनधिकृत निर्माण पर ही नहीं, बल्कि PG और अधिक लोगों के रहने वाली इमारतों की सुरक्षा की जांच पर भी है।



