MCD Sanitation Worker Case: सफाई कर्मचारी दीपक का परिवार पहुंचा MCD मुख्यालय, पत्नी के लिए स्थायी नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या के मामले में परिवार ने अब रोजगार और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर MCD मुख्यालय का रुख किया है। शुक्रवार को दीपक के परिजनों ने MCD अध्यक्ष यशपाल सिंह कैंतूरा से मुलाकात कर मृतक की पत्नी को स्थायी नौकरी देने की मांग रखी। परिवार के मुताबिक, मुलाकात के दौरान उन्हें नौकरी के संबंध में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
दीपक की मौत के बाद से परिवार लगातार न्याय के साथ आर्थिक सुरक्षा की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि दीपक घर में कमाने वाले प्रमुख सदस्य थे और उनकी मौत के बाद पत्नी और अन्य परिजनों के सामने रोजमर्रा के खर्च तथा भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
इसी को लेकर परिवार के सदस्य MCD मुख्यालय पहुंचे और अध्यक्ष यशपाल सिंह कैंतूरा के सामने अपनी परिस्थितियां रखीं। परिवार की प्रमुख मांग दीपक की पत्नी को दिल्ली नगर निगम में स्थायी नौकरी देने की रही, ताकि परिवार को नियमित आय का साधन मिल सके। इसके साथ ही परिवार ने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
परिजनों का कहना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। दीपक की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है और अब उनकी पत्नी तथा परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन की ओर से ठोस सहायता की आवश्यकता है।
मुलाकात के दौरान दीपक की पत्नी ने अपनी मानसिक परेशानी और भविष्य को लेकर चिंता का भी जिक्र किया। परिवार के मुताबिक, वह इस समय गंभीर भावनात्मक दबाव से गुजर रही हैं। ऐसी स्थिति में परिवार ने प्रशासन से आर्थिक एवं रोजगार संबंधी सहायता के साथ जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की है।
दीपक की मौत एक सितंबर को हुई थी। वह दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे और त्रिलोकपुरी क्षेत्र में उनकी तैनाती थी। उनकी मौत के बाद पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 14 सितंबर को त्रिलोकपुरी से आम आदमी पार्टी के पार्षद विजय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित मामला दर्ज किया है।
दीपक की पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में पार्षद विजय कुमार पर आर्थिक शोषण और दबाव बनाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में मकान खरीदने के लिए करीब 15 लाख रुपये के लोन से जुड़ा विवाद होने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी है।
वहीं, पार्षद विजय कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने दीपक के लिए किसी लोन की व्यवस्था नहीं कराई थी और उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
परिवार का कहना है कि उनकी मांग केवल आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। दीपक की मौत के बाद उनकी पत्नी और परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना भी जरूरी है। इसी कारण मृतक की पत्नी को स्थायी नौकरी और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
परिजनों ने MCD अध्यक्ष के सामने दीपक के परिवार की वर्तमान परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी और जल्द फैसला लेने की मांग की। परिवार के मुताबिक, अध्यक्ष की ओर से नौकरी के मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद उन्हें उम्मीद है कि निगम जल्द इस दिशा में कदम उठाएगा।
दीपक की पत्नी को स्थायी नौकरी दिए जाने की मांग पर अंतिम प्रशासनिक निर्णय और नियुक्ति की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। परिवार अब MCD की ओर से मिले आश्वासन के बाद आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
दूसरी ओर पुलिस दर्ज FIR के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। परिवार की मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए और यदि किसी की जिम्मेदारी साबित होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही परिवार को रोजगार और आर्थिक सहायता देकर भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



