Usmanpur Encounter: यमुना खादर में पुलिस मुठभेड़, लॉरेंस बिश्नोई-राशिद केबलवाला गैंग से जुड़े 2 आरोपी गिरफ्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर यमुना खादर इलाके में सोमवार तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने कार्रवाई करते हुए मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जसीम उर्फ जसीम को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी राशिद केबलवाला गैंग से जुड़े हुए हैं और इस गैंग के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध बताए जाते हैं। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 2 अक्टूबर को भजनपुरा इलाके में एक कारोबारी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जांच के दौरान की गई। आरोप है कि कारोबारी से रंगदारी की मांग से जुड़े मामले में दो बदमाशों ने तड़के उसके घर के बाहर पहुंचकर फायरिंग की थी। गोलीबारी में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं थी, लेकिन गोलियां मकान की बाहरी दीवार और कांच की रेलिंग पर लगी थीं। मामले के बाद भजनपुरा थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी निगरानी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। इसी प्रक्रिया में पुलिस को मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जसीम के बारे में सुराग मिला। रविवार रात पुलिस को दोनों के उस्मानपुर इलाके में आने की सूचना मिली। इसके बाद स्पेशल स्टाफ की टीम ने नानकसर से थर्ड पुश्ता रोड की तरफ जाने वाले रास्ते के पास जाल बिछाया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोप है कि दोनों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, हालांकि दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी फायरिंग की और दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। दोनों को मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में दोनों पक्षों की ओर से करीब 26 से 28 राउंड फायरिंग हुई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 18 जिंदा कारतूस और बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल बरामद किए जाने की जानकारी दी है। बरामद हथियारों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद जसीम उर्फ आलू और मोहम्मद कैफ उर्फ डीजे के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों की उम्र करीब 23 वर्ष है और वे उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। जसीम के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है, जबकि कैफ का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आने की बात कही गई है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने गैंगस्टर राशिद उर्फ केबलवाला के निर्देश पर भजनपुरा में कारोबारी के घर और कारोबारी को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। हालांकि इस दावे और आरोपियों के कथित गैंग कनेक्शन की जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों आरोपी इससे पहले किसी अन्य वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, भजनपुरा फायरिंग से पहले कारोबारी को कथित तौर पर रंगदारी के फोन आए थे, लेकिन उसने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी। फायरिंग की घटना सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को रंगदारी के एंगल से भी जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रंगदारी की मांग के पीछे कौन लोग थे और इस नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने की घटना को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों से हथियारों, मोटरसाइकिल और भजनपुरा फायरिंग से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में आरोपियों के कथित आपराधिक नेटवर्क, राशिद केबलवाला से संबंध और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताए जा रहे कनेक्शन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भजनपुरा की फायरिंग के पीछे वास्तव में रंगदारी की क्या भूमिका थी और इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।



