Heroin Network: दिल्ली-NCR से यूपी तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, 50 करोड़ की हेरोइन बरामद
दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने दिल्ली-NCR से उत्तर प्रदेश तक फैले कथित अंतरराज्यीय हेरोइन सप्लाई और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कुल 7.076 किलोग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। मामले में लखनऊ में चल रही कथित अवैध हेरोइन निर्माण इकाई का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, इस ऑपरेशन की शुरुआत 16 सितंबर 2026 को हुई, जब रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ को बेगमपुर इलाके में मादक पदार्थों की आवाजाही के बारे में सूचना मिली। टीम ने सेक्टर-32, बेगमपुर में जाल बिछाकर एक मारुति ग्रैंड विटारा को रोका। पुलिस ने वाहन से 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा को पकड़ा और उसके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन तथा तीन लाख रुपये नकद बरामद किए। इस मामले में बेगमपुर थाने में NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई।
इसके बाद पुलिस ने पूछताछ और जांच के आधार पर नेटवर्क के कथित सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। 17 सितंबर को सोनीपत से 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उसकी महिंद्रा XUV-700 से 501 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद जांच का दायरा दिल्ली-NCR से आगे उत्तर प्रदेश तक बढ़ाया गया और कथित तौर पर हेरोइन की सप्लाई के स्रोत की तलाश शुरू हुई।
पुलिस की तकनीकी निगरानी और मानव स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में एक कथित अवैध निर्माण इकाई के बारे में जानकारी मिली। 4 अक्टूबर को स्पेशल स्टाफ की टीम ने सीता कॉलोनी स्थित इस ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, मौके से 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन बरामद हुई। यह बरामदगी पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी रिकवरी बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने हेरोइन के कथित निर्माण और प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी बरामद किए। इनमें 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, टब, बर्तन, पॉलीथिन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और अन्य सामान शामिल बताए गए हैं। इन वस्तुओं की भूमिका और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
लखनऊ स्थित कथित निर्माण इकाई से पुलिस ने बबलू नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने कथित मुख्य सप्लायर और इस ठिकाने के मालिक बताए जा रहे रुकसार अली उर्फ राजू की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, राजू को करीब 120 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की जांच के अनुसार, इस नेटवर्क में अलग-अलग आरोपियों की कथित भूमिकाएं थीं। शुरुआती स्तर पर दिल्ली में ड्रग्स की डिलीवरी, उसके बाद सप्लाई और फिर उत्तर प्रदेश में कथित निर्माण इकाई तक जांच पहुंची। पुलिस अब इस पूरी चेन की पड़ताल कर रही है कि कच्चा माल कहां से आता था, तैयार हेरोइन को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और दिल्ली-NCR के किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में वित्तीय लेनदेन, ड्रग्स की सप्लाई चेन, निर्माण सामग्री की खरीद और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और गिरफ्तार आरोपियों के अलावा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस ने इस कार्रवाई को दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय कथित अंतरराज्यीय हेरोइन नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और नेटवर्क में उनकी वास्तविक भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस कथित ड्रग्स सिंडिकेट की पूरी सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।



