Bhajanpura Firing: एनकाउंटर के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार, 3 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 18 कारतूस बरामद
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में कारोबारी के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने उस्मानपुर यमुना खादर इलाके में कार्रवाई करते हुए मोहम्मद जासिम उर्फ आलू और मोहम्मद कैफ उर्फ डी.जे., दोनों की उम्र 23 वर्ष, को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, दोनों के कब्जे से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, पूरा मामला 2 अक्टूबर की तड़के भजनपुरा थाना क्षेत्र के सुभाष विहार की गली नंबर-16 में हुई फायरिंग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि रात करीब 2:43 बजे उसे गली में आवाज सुनाई दी। जब वह बालकनी में आया तो उसने दो युवकों को दोपहिया वाहन पर देखा। दोनों के हाथ में पिस्टल थी और उन्होंने उसकी तरफ तथा हवा में कई राउंड फायरिंग की। गोलियां मकान की कांच की रेलिंग और बाहरी दीवार पर लगीं, हालांकि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू की।
फायरिंग के बाद मामले की जांच नॉर्थ-ईस्ट जिला स्पेशल स्टाफ को सौंपी गई। पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी निगरानी के साथ स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को दोनों संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, 4 और 5 अक्टूबर की दरमियानी रात दोनों आरोपियों के नानकसर से थर्ड पुस्ता रोड, उस्मानपुर की तरफ आने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।
पुलिस का दावा है कि बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर दोनों संदिग्ध वहां पहुंचे। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ने करीब 12 राउंड फायर किए। इस दौरान दो गोलियां पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। हालांकि दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे।
इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, टीम की तरफ से 16 राउंड फायर किए गए और दोनों आरोपियों के बाएं पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, पूरी मुठभेड़ में दोनों तरफ से करीब 28 राउंड फायर हुए।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वेलकम निवासी मोहम्मद जासिम उर्फ आलू और मोहम्मद कैफ उर्फ डी.जे. के रूप में की है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जासिम के खिलाफ स्पेशल सेल में आर्म्स एक्ट का एक पुराना मामला दर्ज है, जबकि कैफ का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। दोनों के आपराधिक इतिहास और अन्य मामलों में संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ में पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने भजनपुरा में कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर गैंगस्टर राशिद उर्फ केबलवाला के कहने पर यह वारदात करने की बात बताई है। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग के पीछे रंगदारी की क्या भूमिका थी तथा इस पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को राशिद केबलवाला गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। कुछ पुलिस सूत्रों ने इस गैंग के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंध की भी बात कही है, हालांकि इन कड़ियों की विस्तृत जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के नेटवर्क, हथियारों के स्रोत और उनके संपर्क में मौजूद अन्य लोगों का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल दोनों आरोपी अस्पताल में उपचार के बाद पुलिस की जांच के दायरे में हैं। पुलिस बरामद तीन पिस्टलों और कारतूसों के स्रोत का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी इससे पहले किसी अन्य फायरिंग, रंगदारी या आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।



