Akshardham Body Found: अक्षरधाम के पास सड़क किनारे घंटों पड़ा रहा युवक का शव, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास सड़क किनारे एक युवक का शव कई घंटे तक पड़े रहने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि सड़क से गुजर रहे एक राहगीर ने शव को देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर एक पुलिस वैन पहुंची थी। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शव को देखने के बाद यह कहते हुए मौके से जाने का फैसला किया कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
घटना को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, अक्षरधाम मंदिर के आसपास सड़क किनारे युवक का शव काफी देर तक पड़ा रहा। राहगीरों की नजर शव पर पड़ने के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक वैन मौके पर पहुंची थी। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल का जायजा लिया, लेकिन शव को हटाने या संबंधित थाना पुलिस को मौके पर बुलाने की तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों के आरोप के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने यह कहकर वहां से जाने की बात कही कि घटनास्थल उनके थाना क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने संबंधित थाना पुलिस या अन्य अधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी या नहीं।
घटना से जुड़ी तस्वीरें या वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि यदि शव किसी दूसरे थाना क्षेत्र में पड़ा था, तो मौके पर पहुंची पुलिस टीम की जिम्मेदारी क्या थी और क्या उसे संबंधित थाना पुलिस को तत्काल सूचना देकर शव को सुरक्षित कराने की कार्रवाई करनी चाहिए थी।
अक्षरधाम मंदिर और उसके आसपास का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां लोगों की आवाजाही के साथ पुलिस की निगरानी और गश्त भी रहती है। ऐसे में सड़क किनारे किसी व्यक्ति का शव लंबे समय तक पड़े रहने की बात सामने आने से स्थानीय स्तर पर पुलिस के रिस्पॉन्स सिस्टम और पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल युवक की पहचान के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उसकी मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई। युवक की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, किसी बीमारी के चलते हुई या किसी अन्य वजह से, इसका पता जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हो सकता है कि शव की सूचना मिलने के बाद मौके पर कौन-कौन सी कार्रवाई की गई, किस थाना क्षेत्र की पुलिस को सूचना दी गई और शव को वहां से कब हटाया गया।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। फुटेज से यह पता लगाया जा सकता है कि युवक वहां कब आया, उसकी हालत कैसी थी और शव कितनी देर तक सड़क किनारे पड़ा रहा। इसके साथ ही पुलिस उस राहगीर या अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर सकती है जिन्होंने सबसे पहले शव को देखा था।
मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाना भी महत्वपूर्ण होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मौत की वजह और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच आगे बढ़ा सकती है। यदि शरीर पर किसी तरह की चोट या संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो जांच का स्वरूप भी बदल सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और थाना क्षेत्र से जुड़े समन्वय के सवाल को सामने ला दिया है। किसी घटना का क्षेत्राधिकार चाहे जिस थाने के अंतर्गत आता हो, मौके पर पहुंचने वाली पुलिस टीम द्वारा संबंधित एजेंसी को सूचना देना और आवश्यक प्राथमिक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि इस मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस की आधिकारिक जांच और स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल युवक के शव को लेकर सामने आए दावों की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं है। पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह पता चलेगा कि शव कितनी देर तक वहां पड़ा रहा, पुलिस टीम ने मौके पर क्या कार्रवाई की और युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।



