CJP Protest: CBD ग्राउंड में प्रदर्शन की अनुमति पर सवाल, क्या रामलीला के आयोजन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पड़ेगा असर?
दिल्ली में सीजेपी यानी जनकी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर संभावित स्थल बदलने की चर्चा तेज हो गई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर चल रही कवायद के बीच गृह मंत्रालय की ओर से तीन संभावित स्थानों के नाम सामने आने की जानकारी है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। हालांकि, CBD ग्राउंड में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए दिल्ली पुलिस की अंतिम अनुमति मिलने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इस बीच CBD ग्राउंड को लेकर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यहां इन दिनों रामलीला का मंचन हो रहा है और शाम के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम देखने पहुंच रहे हैं।
पूर्वी दिल्ली स्थित CBD ग्राउंड में इन दिनों धार्मिक आयोजनों के चलते काफी चहल-पहल है। यहां श्री बालाजी रामलीला कमेटी सहित अन्य आयोजनों के तहत रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला कमेटी के प्रधान रमेश शर्मा के मुताबिक, इस मैदान में एक नहीं, बल्कि तीन रामलीलाओं का आयोजन होता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में राम भक्त यहां पहुंचते हैं। ऐसे में यदि इसी मैदान में सीजेपी के प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है, तो धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
रामलीला कमेटी को आशंका है कि प्रदर्शन और धार्मिक आयोजन एक ही स्थान पर होने से व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना, प्रवेश और निकास के रास्ते खुले रखना तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा। कमेटी का कहना है कि रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि प्रदर्शन के कारण मैदान में भीड़ बढ़ती है या रास्तों पर दबाव पड़ता है, तो धार्मिक आयोजन प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
CBD ग्राउंड के आसपास घनी आबादी होने के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालु और प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोग एक ही समय पर आसपास जुटते हैं, तो सड़कों पर भीड़ बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और अन्य राहगीरों को परेशानी होने की आशंका है। हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रदर्शन के लिए किस स्थान को अंतिम रूप दिया जाता है और प्रशासन भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा सुरक्षा के लिए किस तरह की व्यवस्था करता है।
प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड जैसे विकल्पों के नाम सामने आने के बाद अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस के निर्णय पर है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सीजेपी को इनमें से किस स्थान पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाएगी। अंतिम अनुमति मिलने से पहले संभावित स्थलों पर मौजूद कार्यक्रमों, उपलब्ध जगह, लोगों की आवाजाही और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पूरे मामले में प्रशासन के सामने प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार, धार्मिक आयोजनों के सुचारु संचालन और आम लोगों की सुविधा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। यदि CBD ग्राउंड को चुना जाता है, तो रामलीला के आयोजकों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग व्यवस्थाएं करनी पड़ सकती हैं। वहीं, किसी दूसरे स्थल के चयन की स्थिति में CBD ग्राउंड में चल रहे धार्मिक आयोजनों पर सीधे असर की आशंका कम हो सकती है। फिलहाल अंतिम निर्णय का इंतजार है। दिल्ली पुलिस की अनुमति और प्रशासन की ओर से तय की जाने वाली व्यवस्थाओं के बाद ही स्पष्ट होगा कि सीजेपी का प्रदर्शन कहां आयोजित होगा और CBD ग्राउंड में चल रही रामलीला पर इसका कोई असर पड़ेगा या नहीं।



