Delhi Accident: DTC बस की टक्कर से 12 साल की बच्ची कयना की मौत, चाचा के साथ स्कूल जाते वक्त हादसा
दिल्ली में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 साल की बच्ची कयना की मौत हो गई। कयना अपने चाचा के साथ रोज की तरह स्कूल जा रही थी, तभी कथित तौर पर तेज रफ्तार DTC बस ने उसे टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखने को मिला।
परिवार के मुताबिक, कयना अपने चाचा के साथ स्कूल जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान एक DTC बस कथित तौर पर गलत दिशा से तेज रफ्तार में आती हुई उनकी तरफ पहुंची। कयना के चाचा ने बस से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन बस की रफ्तार अधिक होने के कारण वह समय रहते खुद को और बच्ची को सुरक्षित नहीं कर सके।
टक्कर के बाद कयना और उसके चाचा अलग-अलग दिशाओं में जा गिरे। परिवार का आरोप है कि कयना बस की तरफ जा गिरी और गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
परिजनों के मुताबिक, कयना पढ़ाई में काफी होनहार थी। परिवार का कहना है कि उसने पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में कई पुरस्कार भी हासिल किए थे। अचानक हुए हादसे में बच्ची की मौत से परिवार सदमे में है।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। परिवार का आरोप है कि हादसे की सूचना देने के लिए पुलिस को कई बार फोन किया गया, लेकिन पुलिस मौके पर काफी देर से पहुंची। इसको लेकर घटनास्थल पर परिवार और स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया।
बाद में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान बस की रफ्तार, कथित तौर पर गलत दिशा में चलने, चालक की भूमिका और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
परिवार की ओर से पुलिस के खिलाफ लगाए गए देरी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हादसे की वास्तविक वजह तथा जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी।
12 साल की कयना की मौत ने दिल्ली की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों और यातायात नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक परिवार ने अपनी बच्ची खो दी, जबकि हादसे के बाद अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।



