Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा में AAP-BJP विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक, हंगामे के बीच मार्शलों ने AAP विधायकों को सदन से बाहर निकाला
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को सदन में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला जब आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के बीच तीखी बहस हो गई। हंगामे के चलते कुछ समय के लिए विधानसभा की कार्यवाही बाधित रही। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मार्शलों की मदद से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा सहित अन्य विधायकों को सदन से बाहर निकालना पड़ा।
सत्र के दौरान सबसे पहले आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों विधायक अपनी-अपनी सीटों से उठकर आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच सदन के भीतर जोरदार नोकझोंक हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल बेहद गर्म हो गया। सदन में मौजूद अन्य विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया गया, लेकिन इस दौरान सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
इसके कुछ समय बाद एक बार फिर सदन में हंगामा शुरू हो गया। इस बार आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा के विरोध के चलते विधानसभा का माहौल तनावपूर्ण हो गया। लगातार हो रहे शोर-शराबे और व्यवधान के कारण कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। इसके बाद विधानसभा के मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और संजीव झा समेत अन्य आम आदमी पार्टी के विधायकों को सदन से बाहर ले जाया गया।
हंगामे के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब सरकार वास्तव में काम कर रही होती है, तभी विपक्ष को परेशानी होने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के विधायक लगातार झूठे आरोप लगा रहे हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
परवेश वर्मा ने कहा कि यह दावा करना गलत है कि वर्ष 2024 में विधानसभा में एक भी प्रश्नकाल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को किसी मुद्दे पर आपत्ति है तो विपक्ष की नेता को आगे आकर सरकार से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की नेता सदन में सक्रिय दिखाई नहीं देतीं और पहले उन्हें सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए।
हालांकि, दोनों पक्षों के बीच विवाद किस मुद्दे पर शुरू हुआ, इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। विधानसभा में हुए इस हाईवोल्टेज हंगामे ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति को गर्मा दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के आगामी दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी टकराव की संभावना बनी रह सकती है।



