Delhi Crime: आउटर दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 765.6 किलो गांजा बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत आउटर जिला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आउटर दिल्ली की नारकोटिक्स स्क्वाड ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 765.6 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
आउटर दिल्ली के डीसीपी विक्रम सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह कार्रवाई लंबे समय से जुटाई जा रही खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई। जांच के दौरान पुलिस को अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े गिरोह की जानकारी मिली थी, जिसके बाद विशेष रणनीति बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में अजीत रे उर्फ इंद्रजीत, धर्मेंद्र और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अजीत रे उर्फ इंद्रजीत और नीतीश कुमार बिहार के पटना के रहने वाले हैं, जबकि धर्मेंद्र पंजाब के लुधियाना का निवासी है। तीनों आरोपियों को पटना से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 765.6 किलोग्राम गांजा, आठ मोबाइल फोन, करीब चार लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद नकदी और सोने के संबंध में भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका संबंध ड्रग तस्करी से अर्जित आय से है या नहीं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर गांजे की तस्करी कर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में उसकी सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार ओडिशा और बिहार से जुड़े हुए हैं। वहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में मादक पदार्थ की आपूर्ति का स्रोत अगरतला से जुड़ा हुआ है। हालांकि पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और सप्लाई चेन की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच कर रही है।
डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि यह केवल एक खेप की बरामदगी नहीं है, बल्कि एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर की गई महत्वपूर्ण कार्रवाई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, फाइनेंसरों, सप्लायरों और रिसीवरों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए गांजे की गुणवत्ता, उसकी पैकिंग और परिवहन के तरीकों की भी जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा का विश्लेषण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जाएगी।
आउटर दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



