Missing Person: मयूर विहार से लापता अजय चौधरी का शव गाजीपुर नाले से मिला, परिवार ने पुलिस पर उठाए सवाल
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके से लापता 24 वर्षीय अजय चौधरी का शव गाजीपुर फूल मंडी के पास नाले से बरामद होने के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। परिजनों ने लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल परिसर में हंगामा और नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि अजय के लापता होने की सूचना के बावजूद उन्हें शव के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी गई।
अजय चौधरी मयूर विहार थाना क्षेत्र के जिला गांव इलाके का रहने वाला बताया गया है। परिवार के अनुसार, वह 24 सितंबर को किसी काम से नोएडा गया था, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटा। परिजनों का कहना है कि उसी रात उसकी आखिरी लोकेशन आनंद विहार के आसपास मिली थी।
परिवार ने बताया कि करीब दो दिन तक तलाश करने के बाद 26 सितंबर को दिल्ली और नोएडा पुलिस को अजय के लापता होने की सूचना दी गई। इसी दौरान 26 सितंबर को गाजीपुर फूल मंडी के पास नाले से एक शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया।
परिजनों का आरोप है कि शव मिलने के बावजूद उन्हें तुरंत इसकी जानकारी नहीं दी गई। इसी बात को लेकर परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध जताया। परिजनों ने धरना देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग भी की।
परिवार का कहना है कि अजय उनके घर का अकेला कमाने वाला सदस्य था और उसके पीछे पत्नी तथा दो छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है। परिजन मौत की परिस्थितियों की स्पष्ट जांच की मांग कर रहे हैं।
वहीं, पुलिस सूत्रों के मुताबिक अजय की गुमशुदगी की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश में दर्ज थी। सूत्रों का कहना है कि गाजीपुर फूल मंडी के पास शव मिलने की जानकारी के बाद दिल्ली पुलिस ने आसपास के थानों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस को भी सूचना दी थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के किसी थाने में अजय की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं थी। ऐसे में शव की पहचान और परिवार तक सूचना पहुंचाने को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय किया गया। हालांकि, परिजन इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपे जाने और फिर परिजनों को देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अजय की मौत किन हालात में हुई और वह नाले तक कैसे पहुंचा, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
अजय की मौत के बाद परिवार में मातम है। अस्पताल परिसर में हुए विरोध के बीच पुलिस ने स्थिति संभाली, जबकि परिजन मामले में जवाबदेही और मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग पर कायम हैं।



