Drug Network: ऑपरेशन कवच के तहत दिल्ली में ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई, MDMA-स्मैक-गांजा समेत 5 गिरफ्तार
दिल्ली के पूर्वी जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन कवच” के तहत एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने कथित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में एक कथित ड्रग सप्लायर और उसके तीन सहयोगी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनके ठिकानों से 100 ग्राम MDMA, 61 ग्राम स्मैक और 3.816 किलो गांजा बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, ड्रग्स की बरामदगी के अलावा आरोपियों के पास से 42,540 रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, खाली पाउच, दो मोबाइल फोन और एक ऑटोमैटिक पिस्टल के साथ दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान से कथित तौर पर ड्रग्स की पैकिंग और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, 25 और 26 सितंबर की दरम्यानी रात एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड को सूचना मिली थी कि करण और निखिल नाम के दो व्यक्ति सब्जी मंडी और गाजीपुर-कल्याणपुरी इलाके में गांजे की पुड़िया बेच रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने गाजीपुर सब्जी मंडी के पास जाल बिछाया और करण उर्फ नितेश तथा निखिल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान करण के पास से 61 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जबकि निखिल के कब्जे से 2.532 किलो गांजा बरामद किया गया। इस बरामदगी के बाद संबंधित थाना PIA में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की और कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई के स्रोत के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्हें गांजा और स्मैक मंडावली निवासी रिषी नाम के कथित सप्लायर से मिलती थी। इसके बाद जांच टीम ने कथित सप्लायर तक पहुंचने के लिए तकनीकी और फील्ड इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर रिषी के मंडावली इलाके में होने की जानकारी मिली। इसके बाद 27 और 28 सितंबर की दरम्यानी रात मंडावली के उत्तरी स्कूल ब्लॉक में छापेमारी की गई। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में रिषी गुप्ता उर्फ राहुल उर्फ आकाश के साथ उसके दो कथित सहयोगियों प्रेम सिंह और कुनाल मोर्या को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के ठिकाने की तलाशी के दौरान 100 ग्राम MDMA, 1.284 किलो गांजा और 42,540 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा MDMA को छोटे पाउच में पैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खाली पाउच, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस ने एक ऑटोमैटिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद करने का भी दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, हथियार और कारतूस की बरामदगी के बाद रिषी गुप्ता और उसके दोनों कथित सहयोगियों के खिलाफ थाना मधु विहार में आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब हथियार के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।
पुलिस का दावा है कि रिषी गुप्ता अपने कथित सहयोगियों के साथ दिल्ली में ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, MDMA और गांजा कथित तौर पर लाकर उन्हें छोटे-छोटे पाउच में पैक किया जाता था। इसके बाद करण और निखिल के माध्यम से सब्जी मंडी, गाजीपुर और कल्याणपुरी क्षेत्र में इनकी सप्लाई किए जाने का आरोप है।
जांच में पुलिस ने रिषी गुप्ता के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक, रिषी के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे एक हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। पुलिस अन्य गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि उनकी पिछली गतिविधियों और संभावित आपराधिक संपर्कों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस पांचों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क से दिल्ली में और कौन-कौन से लोग जुड़े हुए थे, ड्रग्स की आपूर्ति का मूल स्रोत क्या था और किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जा रही थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद MDMA, स्मैक और गांजा कहां से लाया गया था तथा नेटवर्क में अन्य सप्लायर या वितरक भी शामिल हैं या नहीं।
पूर्वी जिला पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि उनके इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी से संबंधित कोई जानकारी हो तो इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन 112, नजदीकी थाने या MANAS हेल्पलाइन 1933 पर दी जा सकती है। पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।



