Delhi Fake Food Factory: दिल्ली में नकली ENO और Nescafé फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹20 लाख का माल जब्त, 4 आरोपी गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली ENO पाउडर और फर्जी Nescafé कॉफी बनाने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। मधु विहार इलाके में छापेमारी कर पुलिस ने दो अवैध यूनिटों का पर्दाफाश किया, जहां लंबे समय से नकली खाद्य और दवा उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।
पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह नकली ENO और कॉफी पाउडर तैयार कर उन्हें बाजार में सप्लाई करता था। ये प्रोडक्ट्स थोक और रिटेल नेटवर्क के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजे जा रहे थे। चूंकि ENO जैसे उत्पाद सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़े होते हैं, इसलिए इस नकली सप्लाई से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा हो सकता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की, जिसमें 3 पैकिंग मशीनें, करीब 1 लाख तैयार ENO सैशे, लगभग 50 हजार नकली कॉफी सैशे, 500 किलो कॉफी पाउडर, एसिड से भरे ड्रम, पैकिंग रोल, स्टिकर, कार्टन और अन्य उपकरण शामिल हैं। जब्त माल की कुल कीमत लगभग ₹20 लाख बताई जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान उत्तम दास, पपाई दास उर्फ पंकज, नितिन भारद्वाज और संजय बंसल के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब दो महीने से किराए के फ्लैट में यह अवैध फैक्ट्री चला रहे थे।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी नकली प्रोडक्ट्स को असली ब्रांड की पैकिंग और लेबलिंग के साथ बाजार में बेचते थे, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा सके। वहीं, आरोपी नितिन भारद्वाज फरार हो गया था, जिसे बाद में तकनीकी निगरानी के आधार पर देहरादून के सहस्त्रधारा इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद संजय बंसल को भी कश्मीरी गेट के पास दबोच लिया गया।
कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जांच में साफ कर दिया है कि बरामद ENO और Nescafé प्रोडक्ट्स उनके असली उत्पाद नहीं हैं और न ही आरोपियों को कोई अधिकृत उत्पादन या बिक्री का लाइसेंस दिया गया था।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नकली सामान की सप्लाई किन-किन राज्यों तक फैली हुई थी।



