Illegal Construction Action: दिल्ली में चार मंजिल से ऊपर बने अनधिकृत निर्माणों पर होगी सख्त कार्रवाई, डॉ. अनिल गोयल ने बताए सरकार के निर्देश
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर तैयार की गई इमारतों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पूर्वी दिल्ली के डीडीसी चेयरमैन एवं कृष्णा नगर से विधायक डॉ. अनिल गोयल ने कहा है कि आवासीय क्षेत्रों में चार मंजिल से ऊपर किए गए अनधिकृत निर्माणों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आह्वान और निर्देश के बाद इस दिशा में व्यापक स्तर पर काम करने की तैयारी है।
डॉ. अनिल गोयल ने मंगलवार को गीता कॉलोनी स्थित डीडीसी चेयरमैन कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने राजधानी में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार के रुख की जानकारी देते हुए कहा कि नियमों के विपरीत बनाए गए निर्माण लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
डॉ. गोयल ने कहा कि दिल्ली के आवासीय इलाकों में ऐसे मकानों और इमारतों की पहचान की जाएगी, जहां निर्धारित सीमा से अधिक मंजिलों का निर्माण किया गया है। खास तौर पर चार मंजिल से ऊपर अनधिकृत रूप से तैयार किए गए निर्माणों पर ध्यान दिया जाएगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में भवन निर्माण को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसी के तहत अवैध रूप से बनाई जा रही पांचवीं मंजिल और अन्य नियम-विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. अनिल गोयल के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण रोकना नहीं, बल्कि भवनों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. गोयल ने हाल ही में दिल्ली में हुई इमारत गिरने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं एक बार फिर यह बताती हैं कि भवन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन कितना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि किसी इमारत में नियमों के विपरीत अतिरिक्त मंजिल तैयार करने से उसके मूल ढांचे पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है। इसलिए भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। अनधिकृत निर्माण के मामलों में संबंधित एजेंसियों को भी अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।
डॉ. गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मिले निर्देशों के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से बनाई गई पांचवीं मंजिल की पहचान करने और उसे हटाने के लिए व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने संकेत दिया कि कार्रवाई के लिए पहले ऐसे निर्माणों को चिह्नित किया जाएगा, जो स्वीकृत भवन मानकों का उल्लंघन करते हैं। इसके बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकार का जोर इस बात पर रहेगा कि राजधानी में भवन निर्माण निर्धारित नियमों के अनुरूप हो और सुरक्षा मानकों से किसी तरह का समझौता न किया जाए।
दिल्ली के कई घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में अतिरिक्त निर्माण और मंजिलों का मुद्दा लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। ऐसे इलाकों में भवनों के आसपास सीमित जगह और घनी आबादी होने के कारण किसी दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी कारण भवन सुरक्षा को लेकर नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।
डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ प्रस्तावित अभियान को भवन सुरक्षा से जोड़कर देखा जाना चाहिए। सरकार चाहती है कि लोगों को सुरक्षित आवासीय वातावरण मिले और ऐसी परिस्थितियां पैदा न हों, जिनसे भविष्य में जान-माल का नुकसान हो।
उन्होंने कहा कि नियमों के विपरीत बनाई गई पांचवीं मंजिल और चार मंजिल से ऊपर के अन्य अनधिकृत निर्माणों के संबंध में सरकार स्पष्ट नीति और कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राजधानी के अलग-अलग आवासीय क्षेत्रों में स्थिति का आकलन किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. गोयल ने लोगों से भी भवन निर्माण के निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मकान या इमारत में किसी तरह का निर्माण या अतिरिक्त मंजिल तैयार करते समय संबंधित नियमों और स्वीकृत मानकों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए निर्माणों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद अब इस संबंध में व्यापक रोडमैप तैयार किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिसके आधार पर संबंधित एजेंसियां अनधिकृत निर्माण की पहचान और कार्रवाई को अमल में लाएंगी।
डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि हाल की इमारत गिरने की घटना से सबक लेते हुए भवन सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। राजधानी में सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने के लिए सरकार नियमों के पालन पर जोर दे रही है और चार मंजिल से ऊपर बने अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई इसी दिशा में उठाया जाने वाला महत्वपूर्ण कदम होगा।



