Delhi Traffic Jam: दिल्ली-NCR में जाम से थमी रफ्तार, कालिंदी कुंज से सरहौल बॉर्डर तक गाड़ियों की लंबी कतारें; दो घंटे तक फंसे रहे यात्री
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने और यातायात डायवर्जन का असर शुक्रवार शाम दिल्ली-NCR की सड़कों पर दिखाई दिया। दिल्ली से नोएडा जाने वाले कालिंदी कुंज मार्ग से लेकर दिल्ली-गुरुग्राम के सरहौल बॉर्डर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई प्रमुख सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं, जिससे दफ्तरों से घर लौटने वाले लोगों और रोजाना दिल्ली-NCR के बीच सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हुई। कुछ यात्रियों के मुताबिक, सामान्य तौर पर 15 से 20 मिनट में पूरा होने वाला सफर जाम के कारण एक से दो घंटे तक खिंच गया।
दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले कालिंदी कुंज मार्ग पर सरिता विहार से बॉर्डर तक यातायात की रफ्तार बेहद धीमी रही। शाम के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण सड़क पर लंबी कतारें लग गईं। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को आगे बढ़ने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। जाम का असर दिल्ली से नोएडा और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ा।
दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्थित सरहौल बॉर्डर पर भी यातायात प्रभावित हुआ। यहां दिल्ली की ओर आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। गुरुग्राम के साइबर सिटी, उद्योग विहार और एमजी रोड से दिल्ली की ओर सफर करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम के पीक आवर्स में वाहनों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा इंतजामों के चलते यातायात का दबाव और बढ़ गया।
दरअसल, दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दिल्ली के प्रवेश मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की जांच बढ़ाई गई है। कई जगह बैरिकेडिंग की गई है और परिस्थितियों के अनुसार यातायात डायवर्जन लागू करने की तैयारी की गई है। इन व्यवस्थाओं का असर दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर भी दिखाई दिया।
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 30 प्रमुख स्थानों पर यातायात प्रबंधन की योजना बनाई है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह छह बजे से जरूरत के अनुसार डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवरों और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त दिनेश गुप्ता ने कहा है कि किसी भी सड़क को पूरी तरह बंद करने की योजना नहीं है। यातायात की वास्तविक स्थिति और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर निर्णय लिए जाएंगे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और सफर पर निकलने से पहले रास्तों की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
खासतौर पर रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों और हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी गई है। नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर गुजरने वाले लोगों को संभावित जाम और डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने को कहा गया है। यातायात से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों पर नजर रखने की भी अपील की गई है।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गुरुग्राम में भी सीमावर्ती इलाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
फिलहाल दिल्ली-NCR में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे कालिंदी कुंज, सरिता विहार, सरहौल बॉर्डर और मध्य दिल्ली की ओर जाने से पहले रास्तों की जानकारी लें तथा जरूरत के मुताबिक वैकल्पिक मार्ग चुनें। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान यातायात की स्थिति सुरक्षा व्यवस्था और मौके पर लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी।



