Drug Trade: कल्याणपुरी में नशे के कथित कारोबार पर विधायक कुलदीप कुमार मोनू का अल्टीमेटम, एक हफ्ते में कार्रवाई नहीं तो DCP ऑफिस घेराव की चेतावनी
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में चाकूबाजी और हत्या की वारदात के बाद अब कथित नशे के कारोबार को लेकर सियासत तेज हो गई है। कोंडली विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार मोनू पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और घटना की पूरी जानकारी ली। विधायक ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और इलाके में कथित रूप से चल रहे नशे के कारोबार के खिलाफ दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया।
कल्याणपुरी में बीती रात हुई चाकूबाजी और हत्या की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। घटना की जानकारी लेने के लिए विधायक कुलदीप कुमार मोनू पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी ली और हमले में घायल हुए लोगों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
पीड़ित परिवार ने विधायक को बताया कि हमले में केवल जयसिंह ही घायल नहीं हुए थे, बल्कि उनके अन्य रिश्तेदारों पर भी चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। परिवार ने घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग के साथ सरकार से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग रखी।
विधायक कुलदीप कुमार मोनू ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और घटना से जुड़े मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान विधायक ने कल्याणपुरी इलाके में कथित रूप से चल रहे नशे के कारोबार का मुद्दा भी उठाया। विधायक ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इलाके में नशे की गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना जरूरी है। उनका आरोप है कि नशे का कारोबार इलाके में अपराध की घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है और युवाओं पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है।
विधायक ने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कल्याणपुरी क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वह खुद सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने पुलिस को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
कुलदीप कुमार मोनू ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर नशे के कथित कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कल्याणपुरी थाने और DCP कार्यालय का घेराव किया जाएगा। विधायक के इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
विधायक ने यह भी संकेत दिया कि वह इलाके में कानून व्यवस्था और नशे से जुड़े मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अपराध पर अंकुश लगाना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कल्याणपुरी की हालिया चाकूबाजी और हत्या की घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ पीड़ित परिवार घटना में न्याय और आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ विधायक ने कथित नशे के कारोबार को लेकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। विधायक की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कल्याणपुरी इलाके में कथित नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस किस तरह की कार्रवाई करती है और क्या पीड़ित परिवार की मांगों पर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाता है।



