East Delhi MCD: आईपी एक्सटेंशन की 119 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में कूड़ा संकट, टेंडर रद्द होने से हजारों परिवार परेशान
पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन इलाके की 119 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवार इन दिनों कूड़े के निस्तारण को लेकर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। दिल्ली नगर निगम द्वारा इन सोसायटियों से कूड़ा उठाने वाली एजेंसी का टेंडर अचानक निरस्त किए जाने के बाद हालात बिगड़ गए हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम ने यह फैसला ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की सहमति के बिना लिया और न ही इसकी पूर्व जानकारी दी गई। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि टेंडर रद्द होने के बाद निगम की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते अब सोसायटियों में रहने वाले लोग मजबूरी में निजी लोगों के सहारे अपने कूड़े का निस्तारण करवा रहे हैं।
ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारी सुरेश बिंदल ने बताया कि 17 दिसंबर को कूड़ा उठाने वाली एजेंसी IPCA की ओर से एक पत्र मिला, जिसमें जानकारी दी गई कि दिल्ली नगर निगम शाहदरा साउथ जोन के उपायुक्त द्वारा एजेंसी का टेंडर निरस्त कर दिया गया है और अब वह सोसायटियों से कूड़ा नहीं उठाएगी। इस पत्र के बाद सोसायटियों में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि कूड़ा उठाने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद नहीं थी।
सुरेश बिंदल का कहना है कि दिल्ली नगर निगम ने यह फैसला न तो सोसायटी के पदाधिकारियों से चर्चा कर लिया और न ही समय रहते इसकी जानकारी दी। बिना किसी योजना के टेंडर रद्द किए जाने से सोसायटियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। अब हालात यह हैं कि समिति के लोग मोटी रकम खर्च कर निजी एजेंसियों से कूड़ा उठवाने को मजबूर हैं, जबकि कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी पूरी तरह से दिल्ली नगर निगम की है।
बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के निवासी नियमित रूप से दिल्ली नगर निगम को टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि जब लोग टैक्स अदा कर रहे हैं तो कूड़ा उठाने जैसी मूलभूत सेवा से उन्हें वंचित रखना पूरी तरह से अनुचित है। कूड़ा समय पर न उठने से सोसायटियों में गंदगी बढ़ रही है, बदबू फैल रही है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
वहीं इस पूरे मामले पर दिल्ली नगर निगम शाहदरा साउथ जोन के चेयरमैन रामकिशोर शर्मा ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि कूड़ा उठाने वाली एजेंसी IPCA को लेकर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एजेंसी द्वारा ठीक से काम न किए जाने और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के चलते ही उसका टेंडर निरस्त किया गया है। रामकिशोर शर्मा ने यह भी कहा कि कूड़ा उठाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही स्थिति को सामान्य कर दिया जाएगा।
हालांकि, जब तक वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक आईपी एक्सटेंशन की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोग इस कूड़ा संकट से जूझते रहेंगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



