Jamia Slogan Controversy: जामिया की दीवारों पर लिखे मिले ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ के विवादित नारे, परिसर में तनाव के बीच जांच शुरू
राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच परिसर की दीवारों पर देशविरोधी और भड़काऊ नारे लिखे मिलने से भारी विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न दीवारों पर काले स्प्रे पेंट से ‘फ्री कश्मीर’, ‘फ्री शरजील इमाम’ और ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे अत्यंत आपत्तिजनक नारे लिखे पाए गए। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भी अमर्यादित टिप्पणियां लिखी मिलीं। इस घटना के सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत सफाई कर्मियों को लगाकर केमिकल से नारों को मिटाया और दोषियों की पहचान के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह विवादित घटनाक्रम ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है जब जामिया परिसर में पिछले 12 अक्टूबर से छात्र संघ (जेएमआईएसयू) की बहाली और चुनावों की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर छात्र धरना और क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। जिस क्षेत्र में ये आपत्तिजनक नारे लिखे गए, वहां लगे कई सीसीटीवी कैमरों की तारें भी कटी और क्षतिग्रस्त पाई गई हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि पूरी साजिश के तहत पहले कैमरों को बंद किया गया और फिर रात के अंधेरे में दीवारों पर ये नारे लिखे गए। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि परिसर की शांति भंग करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
दूसरी ओर, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता रिहान हैदर और अन्य आंदोलनकारी छात्रों ने इस घटना से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए आरोप लगाया है कि उनके लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण छात्र संघ आंदोलन को बदनाम करने और पुलिसिया कार्रवाई का बहाना ढूंढने के लिए कुछ बाहरी व असामाजिक तत्वों ने यह घिनौनी हरकत की है। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस से राष्ट्रविरोधी नारे लिखने वाले कट्टरपंथी तत्वों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ देशद्रोह और कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
विवाद गहराने के बाद जामिया परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। बिना वैध पहचान पत्र (आईडी कार्ड) के किसी भी छात्र या बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और परिसर के बाहर दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां मुस्तैद कर दी गई हैं। इधर, छात्र संघ का नया संविधान तैयार करने के लिए गठित प्रशासनिक समिति और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता का दौर भी चल रहा है, जबकि गेट नंबर 10 पर इब्न सीना लाइब्रेरी के पास दीवार निर्माण को लेकर एनएसयूआई ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड क्षतिग्रस्त कैमरों से पहले के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों को चिन्हित करने में जुटे हैं।



