Kalyanpuri Anti Drug Protest: कल्याणपुरी में अपराध और नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, विधायक कुलदीप कुमार के नेतृत्व में थाने तक मार्च
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में बढ़ते अपराध और कथित नशे के अड्डों के खिलाफ रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे। आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार के नेतृत्व में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और अन्य स्थानीय निवासियों ने कल्याणपुरी थाने तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए पुलिस और प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
मार्च में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि कल्याणपुरी के कुछ इलाकों में नशे का अवैध कारोबार चल रहा है और इसका सीधा असर स्थानीय युवाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते इस समस्या पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाली पीढ़ी के भविष्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। स्थानीय लोगों ने कहा कि नशे और अपराध से जुड़ी गतिविधियों के कारण परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनका आरोप है कि इलाके में कथित नशे के अड्डों की वजह से असामाजिक गतिविधियां बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मांग की कि नशे के कारोबार से जुड़ी शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नशीले पदार्थ बेचने या इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए स्थानीय लोगों की शिकायतों को पुलिस और प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और युवाओं को नशे से बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
कुलदीप कुमार ने इलाके में अपराध और कथित नशे के कारोबार के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और जिन स्थानों को लेकर नशे का कारोबार चलने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी कल्याणपुरी की विभिन्न सड़कों से होते हुए थाने तक पहुंचे। इस दौरान कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने अपनी आवाज उठाई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने इलाके को सुरक्षित बनाना है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस और प्रशासन को नियमित निगरानी बढ़ानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि किसी क्षेत्र में खुले तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री या इससे जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई जरूरी है। हालांकि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कथित नशे के अड्डों को लेकर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस इलाके में गश्त बढ़ाए और अपराध की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था करे।
लोगों ने कहा कि नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था के मुद्दे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि इसका सामाजिक प्रभाव भी गंभीर होता है। परिवारों का कहना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी है।
स्थानीय महिलाओं ने भी अपने परिवारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि वे चाहते हैं कि बच्चे बिना डर के स्कूल, बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आ-जा सकें।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन से स्थानीय शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उनका कहना है कि शिकायतों की जांच के लिए संबंधित इलाकों में पुलिस टीमों को भेजा जाए और यदि किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी शिकायतों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध को और व्यापक किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों की ओर से जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने की चेतावनी भी दी गई। उनका कहना है कि जब तक इलाके में अपराध और कथित नशे के कारोबार को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, वे अपनी मांगों को लगातार उठाते रहेंगे।
कल्याणपुरी में हुए इस मार्च के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है। विधायक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के कारण मामला स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दे के रूप में भी सामने आया है।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपने परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से अपनी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
अब स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों की जांच और इलाके में अपराध से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन से जल्द कार्रवाई, इलाके में निगरानी बढ़ाने और कथित नशे के अड्डों की जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।



