Krishna Nagar Theft: स्पेशल स्टाफ शाहदरा ने सुलझाई 1.5 करोड़ की कृष्णा नगर सेंधमारी, इंटरस्टेट ताला-चाबी गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली के शाहदरा जिले में पुलिस ने एक बड़ी सेंधमारी की वारदात का पर्दाफाश किया है, जिसने स्थानीय इलाके में काफी सनसनी मचा दी थी। कृष्णा नगर क्षेत्र में हुए 1.5 करोड़ रुपये के चोरी के इस मामले को सुलझाने में स्पेशल स्टाफ शाहदरा की टीम को उल्लेखनीय सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में इंटरस्टेट ताला-चाबी गैंग के दो सक्रिय अपराधियों — सम्राट सिंह और समित उर्फ सुमित सिंह — को गिरफ्तार किया है। दोनों से करीब 25 लाख रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी, एक एमपी नंबर की हुंडई क्रेटा कार और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। यह खुलासा न केवल इस मामले में बड़ी प्रगति है, बल्कि दिल्ली में सक्रिय ऐसे पेशेवर गैंग्स को लेकर नई जानकारी भी सामने लाता है।
यह वारदात 11 से 12 सितंबर की रात को हुई थी, जब कृष्णा नगर के एक घर को चोरों ने अपना निशाना बनाया। घर के मालिक मन्ना लाल सुराणा अपनी पत्नी के साथ किसी आवश्यक काम से बाहर गए हुए थे। सुबह तक सब सामान्य लग रहा था, लेकिन दोपहर में जब वे घर लौटे तो उन्हें एक चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। मुख्य दरवाज़े का ताला टूटा हुआ था। घर के अंदर अलमारियों के ताले तोड़े हुए मिले और हर तरफ सामान बिखरा पड़ा था। स्पष्ट था कि चोरों ने एक प्लानिंग के साथ घर में घुसकर कीमती सामान चोरी किया है। गिनती करने पर पता चला कि घर से एक किलो सोना, करीब 11 किलो चांदी और हीरे के कई सेट सहित लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी हो चुकी थी।
इतनी बड़ी वारदात के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। इस केस की जांच स्पेशल स्टाफ शाहदरा को सौंपी गई। इसके बाद टीम ने तकनीकी जांच, कॉल डिटेल एनालिसिस और ग्राउंड इंटेलिजेंस को मिलाकर सुराग जुटाने शुरू किए। दिल्ली से इंदौर तक 2500 से ज्यादा CCTV फुटेज को खंगाला गया। अलग-अलग इलाकों में संभावित रास्तों की मैपिंग की गई और स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। लंबी और मेहनत-भरी जांच के बाद पुलिस को दो संदिग्धों की गतिविधियों पर मजबूत इनपुट मिले।
पुलिस ने इन सुरागों के आधार पर सम्राट सिंह और समित उर्फ सुमित सिंह की पहचान की। दोनों को दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। दोनों ने स्वीकार किया कि वे इंटरस्टेट “ताला-चाबी गैंग” के सदस्य हैं। यह गिरोह मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा क्षेत्रों से संचालित होता है, और दिल्ली-NCR में आए दिन चोरी की वारदातें अंजाम देता है। आरोपी दिन के समय कॉलोनियों में घूमकर चाबी बनाने वाले बनकर जानकारी जुटाते थे। इसी बहाने वे ऐसे घरों की पहचान कर लेते थे जो 2–3 दिनों से बंद पड़े हों। इसके बाद रात में वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करता था ताकि कोई सुराग न बचे और किसी CCTV या तकनीक से इनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी के बाद वे ज्वेलरी को अलग-अलग राज्यों में फैले रिसीवर्स के जरिए बेचते थे, और उसी पैसे से एमपी नंबर की क्रेटा कार खरीदी गई थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 25 लाख की ज्वेलरी और विभिन्न सामान बरामद किया है। जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपी दिल्ली के कई थानों में दर्ज मामलों में पहले भी पकड़े जा चुके हैं और लंबे समय से सक्रिय हैं।
फिलहाल शाहदरा जिला पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस गैंग की गतिविधियाँ कई राज्यों तक फैली हुई हैं और इनके नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।



