M.S. Park Double Murder Case: पुराने केयरटेकर ने ही रची शाहदरा डबल मर्डर की साजिश, लूट के इरादे से की बुजुर्ग दंपती की हत्या
दिल्ली के शाहदरा इलाके में 3 और 4 जनवरी की दरमियानी रात हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है। एम.एस. पार्क थाना क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्ग दंपती की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही घर के पुराने केयरटेकर ने लूट के इरादे से की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया सोना भी बरामद कर लिया है, जिसमें सोने की चेन, लॉकेट समेत कई कीमती जेवरात शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फ्रेंडली एंट्री कर वारदात को अंजाम दिया और फिर फरार हो गया था।
03 और 04 जनवरी 2026 की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे एम.एस. पार्क पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसके माता-पिता घर के अंदर बेहोश पड़े हैं। उसने यह भी बताया कि उसके पिता के सिर पर गंभीर चोट का निशान है और पड़ोसियों को शक है कि दोनों की मौत हो चुकी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत फ्लैट नंबर 1/4332, तीसरी मंजिल, राम नगर एक्सटेंशन, शाहदरा पहुंची। मौके पर पुलिस ने देखा कि बाहरी कमरे में महिला बिस्तर पर बेहोश पड़ी थी, जिनकी पहचान परवेश बंसल (उम्र लगभग 65 वर्ष), पत्नी वीरेंद्र कुमार बंसल के रूप में हुई। वहीं अंदर वाले कमरे में उनके पति वीरेंद्र कुमार बंसल (उम्र लगभग 71 वर्ष) भी बिस्तर पर बेहोश मिले, जिनके मुंह और नाक से खून निकल रहा था और आंखों के आसपास गंभीर चोट के निशान थे। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एम.एस. पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत FIR नंबर 05/26 दर्ज की गई और गहन जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में यह मामला पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रहा था, क्योंकि अपराधी ने दस्ताने पहने थे, शरीर को पूरी तरह ढका हुआ था और मौके पर कोई ठोस भौतिक साक्ष्य नहीं छोड़ा था। आरोपी ने जानबूझकर ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे, ताकि पहचान से बचा जा सके।
पुलिस ने एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स समेत आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मृतक दंपती से जुड़े रिश्तेदारों, परिचितों और संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी जांच के तहत 50 से अधिक मोबाइल नंबरों का सीडीआर विश्लेषण, एरिया डंप डेटा और इसी तरह के अपराधों में शामिल 300 से अधिक ज्ञात अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला गया। जांच के दौरान सामने आया कि मृतक दंपती ने बीमारी के समय दो केयरटेकर रखे थे। पहले केयरटेकर से पूछताछ के बाद कोई ठोस सबूत नहीं मिला, लेकिन दूसरे केयरटेकर की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
जब पुलिस ने दूसरे केयरटेकर से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसकी पत्नी ने बताया कि वह मोबाइल फोन घर पर छोड़कर खाटू श्याम की यात्रा पर गया है। इस जानकारी ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। स्पेशल स्टाफ की टीम नांगलोई स्थित उसके घर पहुंची, जहां उसका फोटो लिया गया और सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध से मिलान किया गया। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने एक रिश्तेदार के मोबाइल से अपनी पत्नी को कॉल किया था, जिसकी लोकेशन राजस्थान के सीकर जिले में ट्रेस हुई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टीम को राजस्थान के सीकर जिले के तापीपल्या गांव भेजा गया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी अशोक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर लूटे गए जेवरात भी बरामद कर लिए गए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले बुजुर्ग दंपती के यहां केयरटेकर के रूप में काम कर चुका था और उसे यह अच्छी तरह पता था कि बुजुर्ग महिला नियमित रूप से सोने के गहने पहनती हैं। जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने दंपती को लूटने की साजिश रची। वारदात से कुछ दिन पहले उसने जानबूझकर अपना घर बदल लिया और सीसीटीवी से बचने के लिए सुनियोजित रास्तों का चयन किया। पहचान छुपाने के लिए उसने दस्ताने, चश्मा पहना और मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया। उसे यह भी मालूम था कि दंपती का बेटा घर पर बहुत कम समय के लिए रहता है।
घटना वाली रात बेटे की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर और पुराने केयरटेकर होने के कारण मिली जान-पहचान का इस्तेमाल करते हुए उसने घर में प्रवेश किया। पहले उसने सोने के जेवर लूटे और फिर पहचान उजागर होने के डर से बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद वह बिना मोबाइल फोन लिए राजस्थान के सीकर जिले में अपनी पत्नी के रिश्तेदार के घर जाकर छिप गया, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते वह ज्यादा दिन तक कानून से नहीं बच सका।



