Paper Leak Row: ‘छात्रों से माफी मांगें प्रधानमंत्री’, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर उनके साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्र अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, कोई अपराध नहीं कर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग, दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किया गया। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी मांगने की मांग की और केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि हजारों छात्र आखिर ऐसा क्या गलत कर रहे हैं कि उनके खिलाफ सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हथियार ताने जाने, उन्हें पीटे जाने और उनके साथ बदसलूकी किए जाने की खबरें सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। उनका कहना था कि छात्र केवल एक निष्पक्ष और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो उनका संवैधानिक अधिकार है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। उनके अनुसार इन घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रभावित परिवार मध्यम वर्ग और गरीब तबके से आते हैं, जो अपने बच्चों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर अपनी मेहनत की कमाई खर्च करते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्र पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव में रहते हैं और जब परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की खबर सामने आती है तो उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि इस कारण कई छात्र मानसिक तनाव में आ जाते हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग संगठित तरीके से शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं और छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को आम परिवारों की पहुंच से बाहर बताया। राहुल गांधी का दावा था कि केंद्र सरकार का वार्षिक शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि हर साल केवल नीट परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़े खर्च पर परिवार लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं। उन्होंने इसे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जाए जो पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी छात्रों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने वाली हो।
कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों का आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ संवाद स्थापित किया जाए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए, ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।



