Pappu Yadav Complaint: भगवान कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ थाने पहुंचे सांसद पप्पू यादव, गैर-जमानती धाराओं में FIR की मांग
नई दिल्ली। बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव मंगलवार, 3 नवंबर को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सांसद ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 सहित उचित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
पप्पू यादव ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। सांसद ने धीरेंद्र शास्त्री की ओर से विवाद बढ़ने के बाद मांगी गई माफी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि केवल माफी मांग लेने से मामला समाप्त नहीं होना चाहिए और इस तरह की टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि वह धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे और उन्हें सजा दिलाने की मांग करेंगे।
विवाद की शुरुआत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में 29 अक्टूबर को आयोजित श्रीराम कथा के दौरान हुई थी। कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए दोनों की प्रतिमाओं, मुद्राओं और उनके प्रतीकों का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भगवान कृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं, उनकी कमर और गर्दन मुड़ी रहती है तथा वे बांसुरी बजाते हैं, जबकि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं। उन्होंने अयोध्या और वृंदावन के नामों की तुलना करते हुए भी टिप्पणी की थी। इसके अलावा बांसुरी बजाने और धनुष उठाने, गाय चराने और बंदरों को नचाने जैसी बातों का उल्लेख किया था। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया।
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बयान पर नाराजगी जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय बताया और कानूनी कार्रवाई की मांग की। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी टिप्पणी को अनुचित और अमर्यादित बताया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी धीरेंद्र शास्त्री की आलोचना की। वहीं मथुरा और ब्रज क्षेत्र के कई संतों ने भी भगवान राम और कृष्ण की तुलना इस तरह किए जाने पर आपत्ति जताई। ब्रज क्षेत्र के कुछ संतों और यादव समाज के लोगों ने भी विरोध दर्ज कराया।
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी सफाई दी और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को गलत संदर्भ में लिया गया और उनका भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने या भगवान राम और कृष्ण के बीच भेद पैदा करने का कोई इरादा नहीं था। शास्त्री ने स्वयं को भगवान कृष्ण का भक्त बताते हुए कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। उन्होंने अपनी टिप्पणी को भाव और विनोद में कही गई बात बताया।
हालांकि, धीरेंद्र शास्त्री की सफाई और माफी के बावजूद विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। पप्पू यादव ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने में लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस को शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी डीडी एंट्री की गई है। अब शिकायत की जांच और कानूनी प्रावधानों के परीक्षण के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। फिलहाल शिकायत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।



