Satya Niketan Accident: सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, पूर्वी दिल्ली के तीन इलाकों में अवैध निर्माण पर कार्रवाई
नई दिल्ली। सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण, भवन नियमों के उल्लंघन और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में बुधवार को पूर्वी दिल्ली जोन के लक्ष्मी नगर, न्यू अशोक नगर और पांडव नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा गीता कॉलोनी के ब्लॉक-2 में खतरनाक घोषित की गई चार मंजिला इमारत को गिराने की कार्रवाई भी की जा रही है। निगम का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है।
पूर्वी दिल्ली जोन के MCD जोन चेयरमैन यशपाल सिंह केंतुरा के निर्देश पर EE (Bldg.)-II, ईस्ट जोन की ओर से कार्रवाई का एक्शन प्लान तैयार किया गया। इसके तहत अलग-अलग वार्डों में अवैध निर्माण के खिलाफ डिमोलिशन और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। सत्य निकेतन की घटना के बाद निगम की ओर से भवनों की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को लेकर निगरानी भी बढ़ाई गई है।
वार्ड संख्या 203 लक्ष्मी नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ डिमोलिशन और सीलिंग की कार्रवाई प्रस्तावित की गई। निगम की टीम मौके पर पहुंची और भवन में नियमों के विपरीत किए गए निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की। अवैध रूप से बनाए गए हिस्सों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान निगम के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
इसी तरह वार्ड संख्या 190 न्यू अशोक नगर में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने संबंधित संपत्ति पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की। MCD की ओर से स्पष्ट किया जा रहा है कि भवन निर्माण से संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन नहीं करने वाले निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
वार्ड संख्या 200 पांडव नगर में भी अवैध निर्माण के खिलाफ डिमोलिशन अभियान चलाया गया। यहां भवन के अवैध रूप से बनाए गए हिस्सों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। पूर्वी दिल्ली जोन में एक ही दिन में अलग-अलग इलाकों में की जा रही इन कार्रवाइयों को अवैध निर्माण के खिलाफ निगम की बढ़ती सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही गीता कॉलोनी के ब्लॉक-2 में स्थित चार मंजिला इमारत को गिराने की कार्रवाई भी चल रही है। इस इमारत को दिल्ली नगर निगम की ओर से असुरक्षित और खतरनाक घोषित किया गया था। भवन की स्थिति को देखते हुए आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए इसे हटाने का फैसला लिया गया। निगम की टीम निर्धारित प्रक्रिया के तहत इमारत को गिराने की कार्रवाई कर रही है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना के खतरे को कम किया जा सके।
MCD जोन चेयरमैन यशपाल सिंह केंतुरा ने बताया कि निगम ने पूर्वी दिल्ली के इन इलाकों में संचालित हो रहे PG और हॉस्टलों की जांच के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। इसके लिए चार जूनियर इंजीनियरों की टीम तैनात की गई है। यह टीम अलग-अलग इलाकों में चल रहे PG और हॉस्टलों का निरीक्षण करेगी और यह जांचेगी कि उनका संचालन निर्धारित नियमों और भवन संबंधी प्रावधानों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
जांच के दौरान PG से जुड़े नियमों, भवन की मौजूदा स्थिति और संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियों की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जिन भवनों में PG या हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं, वहां सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन किया गया है या नहीं। नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ निगम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे PG को लेकर MCD ने निगरानी बढ़ा दी है। निगम के सभी जोन में ऐसे भवनों और प्रतिष्ठानों की पहचान करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां भवन की सुरक्षा, अवैध निर्माण या निर्धारित अनुमतियों से संबंधित अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
निगम का फोकस ऐसे निर्माणों और प्रतिष्ठानों की पहचान करने पर है, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। सत्य निकेतन की घटना के बाद भवनों की संरचनात्मक स्थिति और उनमें चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऐसे में निगम की ओर से निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई को तेज किया जा रहा है।
पूर्वी दिल्ली में लक्ष्मी नगर, न्यू अशोक नगर और पांडव नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के साथ गीता कॉलोनी की खतरनाक घोषित चार मंजिला इमारत को गिराने की कार्रवाई निगम की इसी मुहिम का हिस्सा है। इसके साथ PG और हॉस्टलों की जांच के लिए चार जूनियर इंजीनियरों की टीम की तैनाती से स्पष्ट है कि MCD अब भवन नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों पर विशेष निगरानी कर रहा है।



