Blind Murder Case: शाहदरा पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाई अज्ञात शव हत्या की गुत्थी, दो आरोपी मध्य प्रदेश से गिरफ्तार
पूर्वी Delhi के शाहदरा इलाके में मिले अज्ञात शव के ब्लाइंड मर्डर केस को शाहदरा थाना पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पहचान करने के साथ-साथ हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य अहम सबूत भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार 6 मई 2026 की शाम करीब 5:47 बजे थाना शाहदरा में सूचना मिली थी कि नवीन शाहदरा स्थित एक निर्माणाधीन इमारत से तेज बदबू आ रही है और अंदर किसी शव के होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां इमारत की चौथी मंजिल पर रेत के नीचे दबा हुआ एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की उम्र करीब 35 वर्ष बताई गई। शव काफी हद तक सड़ चुका था, जिसके कारण उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्लॉट मधुकर सिंघल का था जबकि निर्माण कार्य ठेकेदार संजय कोचर द्वारा कराया जा रहा था। उसी दिन साइट पर पीओपी का काम कर रहे एक छोटे ठेकेदार ने चौथी मंजिल से बदबू आने की जानकारी दी थी, जिसके बाद जांच करने पर रेत के नीचे शव मिला। सूचना के बाद क्राइम टीम और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए Delhi Police ने इंस्पेक्टर अरुण कुमार, इंस्पेक्टर योगेश कुमार, एसआई पुलकित त्यागी समेत कई पुलिसकर्मियों की विशेष टीम बनाई। टीम ने आसपास लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी जांच के साथ स्थानीय स्तर पर गहन पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस का शक दो व्यक्तियों पर गया, जिनकी पहचान Aakash Rai और Man Singh Rai alias Ranu के रूप में हुई। दोनों आरोपी नवीन शाहदरा में ही एक अन्य निर्माणाधीन इमारत में चौकीदार का काम करते थे। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी में सामने आया कि दोनों आरोपी 2 मई की रात मृतक के साथ देखे गए थे और उनके बीच विवाद भी हुआ था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी 4 मई को अचानक दिल्ली छोड़कर अपने गांव मध्य प्रदेश चले गए थे। उनके मोबाइल फोन भी बंद मिले, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। इसके बाद पुलिस की एक टीम तत्काल मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ रवाना हुई और कई जगहों पर छापेमारी की गई। लगातार प्रयासों के बाद दोनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मृतक की पहचान Ram Sewak के रूप में हुई, जो आरोपी आकाश का साला था। आरोपियों ने बताया कि 2 मई की रात तीनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान मामूली बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और मृतक ने दोनों आरोपियों को गालियां देना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर आरोपी रानू ने मृतक को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद मृतक ने ईंट से हमला कर रानू के सिर पर चोट पहुंचाई।
पुलिस के मुताबिक हमले से गुस्साए दोनों आरोपियों ने रसोई में रखे बर्तनों से मृतक पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को पास की निर्माणाधीन इमारत की चौथी मंजिल पर ले जाकर रेत के नीचे दबा दिया ताकि किसी को शक न हो और सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना के समय पहने गए कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किए गए बर्तन बरामद किए हैं।
जांच में पता चला कि मृतक राम सेवक मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले का रहने वाला था और वह निर्माण स्थलों पर मजदूरी करता था। वह शादीशुदा था और चार बच्चों का पिता था। वहीं आरोपी आकाश राय और मान सिंह राय उर्फ रानू भी मजदूरी का काम करते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, मारपीट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं।
शाहदरा जिला पुलिस ने बताया कि तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी विश्लेषण और अंतरराज्यीय छापेमारी की मदद से इस ब्लाइंड मर्डर केस को बेहद कम समय में सुलझाया गया। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।



