Illegal LPG Refilling Shakarpur: शकरपुर में अवैध गैस रिफिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग का भंडाफोड़, आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के शकरपुर इलाके में अवैध एलपीजी रिफिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 15 मार्च 2026 को इस संबंध में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापा मारा और मौके से अवैध गैस रिफिलिंग का पूरा नेटवर्क उजागर किया।
सूचना मिलते ही शकरपुर थाना में डीडी एंट्री दर्ज की गई और SHO शकरपुर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें हेड कांस्टेबल अनुराग और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने शकरपुर स्थित एक दुकान पर छापा मारकर जांच की, जहां एक व्यक्ति अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करते हुए पाया गया।
मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपनी पहचान योगेश गुप्ता (उम्र करीब 46 वर्ष), निवासी शकरपुर, दिल्ली के रूप में बताई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई दिनों से बड़े घरेलू एलपीजी सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरने का काम कर रहा था। उसने यह भी कबूल किया कि 2-3 दिन पहले भी उसने इसी तरह गैस रिफिलिंग की थी।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पास इस काम के लिए कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं है और वह अपनी दुकान पर बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के यह खतरनाक गतिविधि चला रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से 2 बड़े घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम), 3 छोटे सिलेंडर (5 किलोग्राम), एक गैस ट्रांसफर पाइप (टोटापिलास), एक एलपीजी रिफिलिंग मशीन और एक तराजू बरामद किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी का तरीका यह था कि वह बड़े सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों में भरता था और उन्हें अवैध रूप से बेचकर मुनाफा कमाता था। इस तरह की गतिविधि न सिर्फ कानून का उल्लंघन है बल्कि इससे बड़े हादसे का खतरा भी बना रहता है, क्योंकि बिना सुरक्षा मानकों के गैस रिफिलिंग करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
इस मामले में पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287, 125 और 318(4) के तहत केस दर्ज किया है। शकरपुर थाना में FIR नंबर 39/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अवैध काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आम जनता की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।



