Delhi Police AHTU: दिल्ली पुलिस ने नाबालिग लड़की को भारत-नेपाल सीमा से बरामद किया, मानव तस्करी विरोधी इकाई की बड़ी सफलता
दिल्ली पुलिस की बाहरी-उत्तरी ज़िले की मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने एक साहसिक अभियान चलाकर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ‘पी’ को भारत-नेपाल सीमा से बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इस बच्ची का अपहरण 13 मई 2025 को शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र से हुआ था। परिजनों की शिकायत पर 14 मई को एफआईआर दर्ज की गई और जाँच शुरू की गई।
जाँच के दौरान मैनुअल और तकनीकी निगरानी से पता चला कि लड़की और आरोपी दिलीप पहले तिरुपुर (तमिलनाडु) पहुँचे थे, लेकिन पुलिस की गतिविधि का अंदेशा होते ही वे बिहार के सीतामढ़ी जिले में दिलीप के पैतृक गाँव भाग गए। बाद में आरोपी लड़की को लेकर नेपाल भाग गया और वहाँ अपने रिश्तेदारों के घर शरण ली।
मामले की गंभीरता देखते हुए 15 जुलाई को इसे एएचटीयू को सौंप दिया गया। इंस्पेक्टर राजीव रंजन और एसीपी नरेंद्र खत्री के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने संदिग्धों के मोबाइल, सोशल मीडिया और यात्रा संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया। जाँच में पता चला कि आरोपी दिलीप ने नेपाल में लड़की से शादी कर ली थी और रिश्तेदारों की मदद से छिपा हुआ था।
पुलिस की लगातार कार्रवाई में पहले तिरुपुर से दिलीप का भाई सज्जन पकड़ा गया, जिसने खुलासा किया कि दिलीप नेपाल में रह रहा है। इसके बाद टीम ने चेन्नई में छापेमारी कर आश्रयदाता केदार पासवान के दोनों बेटों को गिरफ्तार किया। दबाव बढ़ने पर अंततः 21 सितंबर को पीड़िता नेपाल से निकलकर बिहार के सुरसंड थाने में पहुँची, जहाँ उसे सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया। हालाँकि मुख्य आरोपी दिलीप पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा।
पूरे अभियान में पुलिस ने 6000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की और कई राज्यों में लगातार छापेमारी की। एएचटीयू की इस सफलता ने न केवल एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित घर पहुँचाया, बल्कि मानव तस्करी और अपहरण जैसे अपराधों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता को भी मजबूत संदेश दिया।



