Delhi Cyber Crime: वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन, 89 साइबर अपराधी शिकंजे में
दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना टीम ने अप्रैल 2026 के दौरान साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 89 आरोपियों और संदिग्धों पर कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 35 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 54 लोगों को बाउंड डाउन किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कैम, APK फ्रॉड, फेक डेटिंग क्लब और म्यूल अकाउंट नेटवर्क जैसे बड़े साइबर अपराधों का खुलासा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए चलाया गया। जांच के दौरान साइबर थाना टीम ने कई राज्यों में छापेमारी कर संगठित साइबर गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और संदिग्ध सामग्री भी बरामद की।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 14 लाख रुपये से अधिक नकदी, 359 सिम कार्ड, 218 एटीएम कार्ड, 88 मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि ये गिरोह देशभर में लोगों को अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी का शिकार बना रहे थे।
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस की जांच में करीब 40 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 1.11 करोड़ रुपये की रकम सुरक्षित कराई, ताकि पीड़ितों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इसके अलावा अदालत के आदेश पर 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस भी लौटाए गए हैं।
पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि साइबर अपराधी फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन डेटिंग ऐप, APK फाइल, फेक बैंकिंग लिंक और म्यूल अकाउंट के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर डिजिटल चैन के जरिए छिपाया जाता था।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के अलावा झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों में रेड कर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल, निवेश योजना या सोशल मीडिया ऑफर पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या NCRP पोर्टल पर दें।



