Amazon Mobile Theft: अमेज़न डिलीवरी ट्रक से 1.5 करोड़ के 604 वीवो मोबाइल बरामद, द्वारका पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली के द्वारका जिले की सेक्टर-23 थाना पुलिस ने अमेज़न डिलीवरी ट्रक से मोबाइल फोन चोरी के एक बड़े मामले का सफल खुलासा करते हुए करीब 1.5 करोड़ रुपये कीमत के 604 बिल्कुल नए वीवो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो ट्रांज़िट के दौरान महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि 20 जून 2026 को सेक्टर-23 थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि अमेज़न के लिए भेजी जा रही वीवो मोबाइल फोन की बड़ी खेप ट्रांज़िट के दौरान चोरी हो गई है। शिकायत के अनुसार, लगभग 4,500 नए वीवो मोबाइल फोन गुरुग्राम भेजे जा रहे थे। आरोप है कि ट्रक चालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर रास्ते में करीब 1,500 मोबाइल फोन चोरी कर लिए और बाकी माल गुरुग्राम में पहुंचाकर फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर बिजेंद्र छिल्लर, एसएचओ सेक्टर-23 थाना की निगरानी में तथा एसीपी द्वारका किशोर कुमार रेवाला के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम में एएसआई मंगतू राम, हेड कांस्टेबल शेर सिंह, हेड कांस्टेबल विक्की, हेड कांस्टेबल संजय, हेड कांस्टेबल अनिल और कांस्टेबल राजेश को शामिल किया गया। टीम को पूरे मामले की तकनीकी और मैनुअल जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध मार्ग पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। कई दिनों तक लगातार फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद चोरी में इस्तेमाल की गई एक पिकअप गाड़ी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क को ट्रैक करना शुरू किया।
इसी दौरान जांच में यह भी पता चला कि उत्तर प्रदेश के नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने पहले ही कुछ चोरी किए गए वीवो मोबाइल फोन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जानकारी मिलने के बाद द्वारका पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए तीनों आरोपियों—पंकज उर्फ धीरेंद्र, आनंद उर्फ रुद्रेश और मोहित उर्फ पुंडीर—को इस मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी किए गए मोबाइल फोन छिपाने की जानकारी पुलिस को दी। उनकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के भीघेपुर गांव स्थित एक बाग में छापेमारी की गई। वहां से पुलिस ने 604 बिल्कुल नए वीवो मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी विभिन्न राज्यों में मोबाइल फोन की खेप चोरी करने और चोरी के सामान की हेराफेरी करने जैसी कई वारदातों में शामिल रह चुके हैं। शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि यह एक संगठित आपराधिक गिरोह है, जो ट्रांज़िट के दौरान महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की चोरी को अंजाम देता था।
द्वारका पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि चोरी किए गए बाकी मोबाइल फोन की बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन देश के किन-किन राज्यों में सप्लाई किए जाने वाले थे और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ बेहतर समन्वय के कारण इस बड़े मामले का खुलासा संभव हो पाया। उन्होंने जांच टीम की सराहना करते हुए कहा कि संगठित अपराध पर कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।



