MDMA Drug Bust: पूर्वी दिल्ली पुलिस ने ड्रग सप्लाई चेन का किया भंडाफोड़, 21.09 ग्राम MDMA और गांजा बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पूर्वी जिला एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 21.09 ग्राम एमडीएमए (MDMA) और 30 ग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में एक स्थानीय ड्रग पैडलर, एक अफ्रीकी मूल का सप्लायर और एक अफ्रीकी मूल के सोर्स समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीन स्कूटी और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पूर्वी जिला पुलिस के अनुसार नशे के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने और ड्रग माफियाओं के नेटवर्क को खत्म करने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इंस्पेक्टर अरुण कुमार, प्रभारी एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड, की निगरानी तथा एसीपी ऑप्स पवन कुमार के मार्गदर्शन में एसआई विकास, एसआई देवेंद्र, एएसआई अरुण, हेड कांस्टेबल प्रदीप शर्मा, अमित कसाना, देवेश, विक्रांत, लखन, विवेक, हरेंद्र और महिला हेड कांस्टेबल अनामिका सहित एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय करते हुए लगातार मानव और तकनीकी खुफिया जानकारी जुटाई।
30 जून 2026 को एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली कि ‘जॉन’ नाम का एक अफ्रीकी नागरिक दिल्ली-नोएडा लिंक रोड स्थित स्टार सिटी मॉल के पास एमडीएमए की खेप सप्लाई करने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया। कुछ देर बाद एक स्कूटी सवार संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचा। पुलिस टीम को देखकर उसने गलत दिशा में यू-टर्न लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में उसकी स्कूटी डिवाइडर से टकरा गई और पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 35 वर्षीय जॉन के रूप में हुई, जो मूल रूप से सेनेगल का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रह रहा था। उसकी तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 12.86 ग्राम एमडीएमए बरामद किया। इसके बाद थाना मयूर विहार में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पूछताछ में जॉन ने खुलासा किया कि वह दिल्ली के विभिन्न इलाकों, खासकर चिल्ला बॉर्डर से अक्षरधाम रोड तक, स्थानीय ड्रग पैडलर दिवाकर को एमडीएमए की सप्लाई करता था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल जांच की मदद से बुराड़ी निवासी 27 वर्षीय दिवाकर को अक्षरधाम रोड से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लगभग 3 ग्राम एमडीएमए और 30 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने उसकी स्कूटी भी जब्त कर ली।
आगे की जांच के दौरान अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद जॉन से गहन पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसे एमडीएमए की सप्लाई एक अन्य अफ्रीकी नागरिक सोलोमन करता था, जो मयूर विहार और आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर मादक पदार्थ पहुंचाता था। पुलिस ने इसे पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी मानते हुए सोलोमन की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया।
जॉन की निशानदेही पर एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने क्राउन प्लाजा होटल रोड, अक्षरधाम रोड और चिल्ला बॉर्डर रोड के आसपास जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 37 वर्षीय सोलोमन को गिरफ्तार कर लिया, जो वर्तमान में न्यू अशोक नगर में रह रहा था और मूल रूप से नाइजीरिया के अनाम्ब्रा राज्य का निवासी है। उसकी तलाशी के दौरान 5.23 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया। पुलिस ने उसकी स्कूटी भी जब्त कर ली।
जांच में सामने आया कि दिवाकर पहले स्वयं एमडीएमए का नशा करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात जॉन से हुई और बाद में अधिक मुनाफे के लालच में वह ड्रग पैडलिंग करने लगा। वह जॉन से बड़ी मात्रा में एमडीएमए खरीदकर छोटे-छोटे पैकेट बनाकर ऊंची कीमत पर बेचता था। वहीं, जॉन और सोलोमन दोनों वैध पासपोर्ट और वीजा से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस अब उनके दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान कुल 21.09 ग्राम एमडीएमए, 30 ग्राम गांजा, तीन स्कूटी और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में बरामद मादक पदार्थों की कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई है। जब्त किए गए वाहनों के स्वामित्व और उनके आपराधिक मामलों में इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
पूर्वी जिला पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इलाके में सक्रिय एक महत्वपूर्ण ड्रग सप्लाई चेन को ध्वस्त कर दिया गया है। अब पुलिस इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि दिल्ली को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से इस तरह की खुफिया और लक्षित कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।



