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Pandav Nagar Robbery: फर्जी डिलीवरी लोकेशन पर बुलाकर 9.79 लाख की विदेशी मुद्रा लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Pandav Nagar Robbery: फर्जी डिलीवरी लोकेशन पर बुलाकर 9.79 लाख की विदेशी मुद्रा लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के पूर्वी जिले की पांडव नगर थाना पुलिस ने करीब 9.79 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई एक्सेंट कार भी बरामद कर ली है। इसके अलावा लूटी गई विदेशी मुद्रा में से 1,100 यूरो भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने फर्जी पहचान और नकली डिलीवरी लोकेशन का इस्तेमाल कर पूरी वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

यह घटना 6 जुलाई 2026 की है। पुलिस के अनुसार नोएडा स्थित Tripsway Forex Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को “मिस्टर सिंह” बताते हुए दिल्ली के मधु विहार स्थित साईं चौक पर तत्काल 5,500 यूरो पहुंचाने की मांग की। कंपनी के फील्ड एग्जीक्यूटिव हरे कृष्णा जना (42 वर्ष) निर्धारित स्थान के लिए रवाना हुए। उनके पास 5,500 यूरो, 35,000 थाई बाहट, 2,600 अमेरिकी डॉलर, 1,200 चीनी युआन और 10,000 रुपये नकद थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 9.79 लाख रुपये बताई गई।

रास्ते में कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें लाइव लोकेशन भेजी और बताए गए स्थान पर पहुंचने के निर्देश दिए। जब हरे कृष्णा जना मौके पर पहुंचे तो उन्हें एक कार में बैठाया गया। कार के अंदर पहले से मौजूद तीन लोगों ने उनकी आंखों में मिर्च स्प्रे कर दिया और उनके पास मौजूद पूरी नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।

घटना की शिकायत मिलने पर पांडव नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पांडव नगर के एसएचओ के नेतृत्व और एसीपी मयूर विहार के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम में इंस्पेक्टर पंकज सरोहा, एसआई आशीष तुषीर, एएसआई राजेंद्र, हेड कांस्टेबल भारत, कांस्टेबल रामकेश और कांस्टेबल नितेश शामिल थे।

जांच के दौरान पुलिस सबसे पहले उस पते पर पहुंची, जिसे कॉल करने वाले ने डिलीवरी लोकेशन बताया था। जांच में सामने आया कि संबंधित मकान कई वर्षों से बंद पड़ा है और वहां “मिस्टर सिंह” नाम का कोई व्यक्ति कभी नहीं रहा। इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपियों ने फर्जी नाम और नकली पता इस्तेमाल कर वारदात की योजना बनाई थी।

इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला कि जिस सिम कार्ड से कॉल की गई थी, उसे भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किया गया था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और लगातार फील्ड जांच के जरिए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। जांच की कड़ियां पहले दिल्ली के विष्णु गार्डन और फिर उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित मुल्तान नगर तक पहुंचीं।

मेरठ में पुलिस ने स्थानीय स्तर पर गुप्त जांच और घर-घर सत्यापन अभियान चलाया। इसी दौरान उस व्यक्ति के सहयोगियों की पहचान हुई जिसने खुद को “मिस्टर सिंह” बताकर कंपनी से संपर्क किया था। इसके आधार पर पुलिस ने कार्तिक उर्फ किट्टू (20 वर्ष) और कवलजीत उर्फ गोल्डी (23 वर्ष) को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के सामने आने के बाद उन्होंने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई एक्सेंट कार और लूटी गई विदेशी मुद्रा में से 1,100 यूरो बरामद कर लिए।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कार्तिक उर्फ किट्टू आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और मेरठ के बागपत रोड पर मोबाइल फोन की दुकान चलाता है। वहीं कवलजीत उर्फ गोल्डी बारहवीं पास है और बागपत रोड स्थित मदर डेयरी बूथ पर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता है। दोनों का अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही लूटी गई बाकी विदेशी मुद्रा की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरे गिरोह का जल्द खुलासा होने की संभावना है।

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