Road Accident: गाजीपुर में ई-रिक्शा की टक्कर से 10 साल की प्रियांशी की मौत, मां के साथ स्कूल से लौट रही थी बच्ची
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची प्रियांशी की मौत हो गई। प्रियांशी स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी मां के साथ घर लौट रही थी। इसी दौरान सड़क पर खड़ी एक स्कूल बस और सामने से आ रहे ई-रिक्शा के बीच बच्ची आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और बच्ची की मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक, 10 साल की प्रियांशी खोड़ा इलाके की रहने वाली थी। वह रोजाना की तरह स्कूल गई थी और छुट्टी होने के बाद अपनी मां के साथ वापस घर जा रही थी। किसी ने नहीं सोचा था कि स्कूल से घर लौटने का यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
बताया जा रहा है कि गाजीपुर थाना क्षेत्र में सड़क से गुजरने के दौरान एक स्कूल बस सड़क पर खड़ी थी। इसी दौरान सामने से एक ई-रिक्शा आया। बच्ची ई-रिक्शा और स्कूल बस के बीच आ गई। हादसे में प्रियांशी के सिर पर गंभीर चोट लगी और वह बुरी तरह घायल हो गई।
हादसा होते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और गंभीर रूप से घायल प्रियांशी को तत्काल उपचार के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस मां के साथ प्रियांशी कुछ समय पहले स्कूल से घर लौट रही थी, उसी मां की आंखों के सामने हुए हादसे ने उसकी बेटी की जिंदगी छीन ली। घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार अब हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह जानने का अधिकार है कि हादसा आखिर कैसे हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के समय ई-रिक्शा किस गति से चल रहा था और सड़क पर खड़ी स्कूल बस की स्थिति क्या थी।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्ची ई-रिक्शा और बस के बीच आ गई थी। हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस हादसे के बाद दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा संचालन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजधानी के कई इलाकों में ई-रिक्शा स्थानीय परिवहन का प्रमुख साधन बन चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग छोटी दूरी तय करने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इन वाहनों का यातायात नियमों के अनुसार संचालन सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
स्थानीय स्तर पर अक्सर शिकायतें सामने आती हैं कि कुछ ई-रिक्शा चालक निर्धारित यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क के बीच या भीड़भाड़ वाली जगहों पर वाहन रोककर यात्रियों को बैठाते और उतारते हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने और सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से ई-रिक्शा खड़ा करने जैसी शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। हालांकि, गाजीपुर की इस विशेष घटना में किसकी लापरवाही थी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
हादसे ने पैदल यात्रियों, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने ला दिया है। स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय सड़कों पर बच्चों और अभिभावकों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी दौरान स्कूल बसों, ई-रिक्शा, ऑटो और दूसरे वाहनों की भी भीड़ रहती है। ऐसी स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
घटना की निष्पक्ष जांच के साथ यह पता लगाया जाना जरूरी होगा कि हादसे के समय ई-रिक्शा नियमों के मुताबिक चल रहा था या नहीं। इसके अलावा चालक की भूमिका, वाहन से संबंधित दस्तावेज और दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां भी जांच का हिस्सा हो सकती हैं।
इस हादसे में सड़क पर खड़ी स्कूल बस की स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। घटनास्थल के आसपास यदि सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज से दुर्घटना के सही घटनाक्रम का पता लगाने में मदद मिल सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं कि बच्ची ई-रिक्शा और बस के बीच कैसे आई।
10 वर्षीय प्रियांशी की मौत ने उसके परिवार की खुशियां छीन ली हैं। स्कूल से अपनी मां के साथ घर लौट रही बच्ची का सफर एक सड़क हादसे में खत्म हो गया। अब परिवार हादसे के कारणों का जवाब और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई चाहता है।
गाजीपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर बच्चों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा व्यवस्था कितनी प्रभावी है। मामले की जांच में यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।



