Air India Job Fraud: दिल्ली में फर्जी जॉब कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 2 महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार; नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी का आरोप
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक कथित फर्जी कॉल सेंटर का साइबर पुलिस स्टेशन ईस्ट ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लक्ष्मी नगर से संचालित किए जा रहे इस कॉल सेंटर के जरिए नौकरी तलाश रहे युवाओं को फोन कर खुद को Air India का HR प्रतिनिधि बताया जाता था और ग्राउंड ड्यूटी में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय मोहम्मद जैद, 24 वर्षीय सदफ और 21 वर्षीय तनिशा के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से छह स्मार्टफोन, तीन कीपैड मोबाइल फोन, कई SIM कार्ड और 25 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन और SIM कार्ड की जांच कर कथित ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से हुई। पीड़ित ने National Cyber Crime Reporting Portal यानी NCRP पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि उसे एक व्यक्ति ने फोन किया था। कॉल करने वाले ने खुद को Air India का HR प्रतिनिधि बताया और एयरलाइन में ग्राउंड ड्यूटी की नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया।
नौकरी दिलाने की प्रक्रिया के नाम पर पीड़ित से रकम की मांग की गई। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने नौकरी मिलने की उम्मीद में UPI के माध्यम से कुल 14,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बावजूद जब नौकरी से संबंधित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और कोई ठोस जानकारी नहीं मिली तो पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी होने का संदेह हुआ।
इसके बाद मामले की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर डिजिटल लेन-देन और बैंक खाते की जांच शुरू की। जांच में उस बैंक खाते का पता लगाया गया, जिसमें पीड़ित की ओर से रकम ट्रांसफर की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि खाते में आई रकम बाद में पूर्वी दिल्ली के एक ATM से निकाली गई थी। बैंकिंग और अन्य तकनीकी जानकारी जुटाने के बाद 20 अगस्त 2026 को FIR नंबर 69/2026 दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच टीम ने बैंक खाते और उससे जुड़ी गतिविधियों के आधार पर मोहम्मद जैद की पहचान की। इसके बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और पुलिस ने उसे लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। जैद से पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां मिलीं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सदफ और तनिशा की कथित भूमिका भी सामने आई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस उस ठिकाने तक पहुंची, जहां से फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जाने का दावा किया गया है।
आरोप है कि कॉल सेंटर से अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को फोन किए जाते थे। फोन पर खुद को Air India के HR विभाग से जुड़ा बताकर युवाओं को ग्राउंड ड्यूटी की नौकरी का प्रस्ताव दिया जाता था।
इसके बाद कथित तौर पर रजिस्ट्रेशन और रोजगार प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम मांगी जाती थी। पीड़ितों को UPI के माध्यम से भुगतान करने के लिए कहा जाता था। पुलिस का कहना है कि ठगी से मिली रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाने के बाद आसपास के ATM से नकद निकाल ली जाती थी।
पुलिस के दावे के अनुसार, सदफ पिछले करीब तीन महीने से इस कथित कॉल सेंटर के संचालन से जुड़ी हुई थी। हालांकि इस अवधि के दौरान कितने लोगों को कॉल किए गए और कितने लोग ठगी का शिकार हुए, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
कॉल सेंटर के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने छह स्मार्टफोन और तीन कीपैड फोन बरामद किए। इसके अलावा कई SIM कार्ड भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इनमें इस मामले में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया SIM कार्ड भी शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन, SIM कार्ड, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा इस कथित नेटवर्क का दायरा दिल्ली तक सीमित था या दूसरे राज्यों के लोगों को भी निशाना बनाया गया।
जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े मोबाइल नंबरों के खिलाफ दो अन्य NCRP शिकायतें मिलने की बात भी सामने आई है। इससे पुलिस को आशंका है कि मौजूदा मामला अकेली घटना नहीं हो सकता और इसी तरीके से अन्य नौकरी तलाशने वाले लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है।
पुलिस अब इन शिकायतों और बरामद डिजिटल उपकरणों का मिलान कर रही है। इसके साथ बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच कर कथित ठगी से प्राप्त कुल रकम का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन नौकरी के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को सामने रखा है। साइबर अपराधी प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थानों का नाम इस्तेमाल कर नौकरी तलाश रहे लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की ओर से नौकरी के बदले रजिस्ट्रेशन फीस या अन्य शुल्क मांगे जाने पर तुरंत भुगतान न करें। नौकरी के ऑफर और संपर्क करने वाले व्यक्ति की जानकारी संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करने के बाद ही कोई कदम उठाएं। साइबर ठगी होने की स्थिति में जल्द से जल्द 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित फर्जी कॉल सेंटर से अब तक कितने लोगों को फोन किया गया, कितने लोग ठगी का शिकार हुए और नेटवर्क में इनके अलावा कौन-कौन शामिल था।
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