Homeदिल्ली-एनसीआरAsthma Awareness: दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल में वर्ल्ड अस्थमा डे पर...

Asthma Awareness: दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल में वर्ल्ड अस्थमा डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Asthma Awareness: दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल में वर्ल्ड अस्थमा डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल में वर्ल्ड अस्थमा डे के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को अस्थमा जैसी गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़े भ्रम को दूर करना था।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने अस्थमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि अस्थमा एक क्रॉनिक बीमारी है, लेकिन सही समय पर पहचान, नियमित इलाज और जीवनशैली में सुधार के जरिए इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्थमा से पीड़ित मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं, बशर्ते वे अपनी दवाइयों और सावधानियों को नजरअंदाज न करें।

इस आयोजन की खास बात यह रही कि अस्पताल ने उन मरीजों को भी आमंत्रित किया, जो पहले अस्थमा से जूझ चुके थे और अब पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। इन मरीजों ने मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने डॉक्टरों की सलाह, नियमित दवाइयों और सावधानी के जरिए इस बीमारी पर काबू पाया। उनके अनुभवों ने कार्यक्रम में मौजूद अन्य मरीजों को प्रेरित किया और उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।

डॉक्टरों ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि अस्थमा के मरीजों को धूल-मिट्टी, धुआं और बढ़ते प्रदूषण से बचकर रहना चाहिए, क्योंकि ये सभी प्रमुख ट्रिगर हैं जो बीमारी को अचानक बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के दौरान मरीजों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। साथ ही उन्होंने इनहेलर के सही उपयोग, नियमित चेकअप और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने की अहमियत भी बताई।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि समाज में अभी भी अस्थमा को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों ने कहा कि अस्थमा कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे घबराया जाए, बल्कि इसे समझदारी और सही इलाज के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। जागरूकता ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके और मरीजों को बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments