Fake Currency Scam दिल्ली के सराय रोहिल्ला में ‘गड्डी मार गैंग’ का पर्दाफाश, 25 लाख की ठगी की कोशिश नाकाम, दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां ‘गड्डी मार गैंग’ ने एक कारोबारी को 25 लाख रुपये का चूना लगाने की कोशिश की। हालांकि, पीड़ित की सूझबूझ और फिल्मी अंदाज में बिछाए गए जाल के चलते दो शातिर जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
मामला राजधानी में बढ़ती ठगी की घटनाओं को उजागर करता है, जहां अपराधी असली नोटों के बीच नकली गड्डियां और रद्दी भरकर लोगों को लाखों का नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस केस में भी आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से व्यापारी को निशाना बनाया।
शिकायतकर्ता कारोबारी हिमांशु गोयल, जो कालकाजी ग्लासेज़ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं, ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि उन्हें रांची की एक कंपनी से 28.37 लाख रुपये के हार्डवेयर का बड़ा ऑर्डर मिला था। डील के तहत 25 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर कैश में दिए जाने की बात तय हुई।
इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी के कर्मचारी को विकासपुरी स्थित PVR के पास बुलाया और सीलबंद पैकेट में कैश थमा दिया। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जब दफ्तर में पैकेट खोला गया, तो सभी के होश उड़ गए—गड्डियों के ऊपर और नीचे 500-500 के असली नोट थे, जबकि बीच में केवल रद्दी और फोटोकॉपी किए हुए कागज भरे थे।
इस ठगी के बाद कारोबारी ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन तुरंत कार्रवाई न होने पर उन्होंने खुद ही आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। 2 मई को जैसे ही एक आरोपी का व्हाट्सएप नंबर दोबारा सक्रिय हुआ, हिमांशु गोयल ने खुद को नया ग्राहक बनाकर उनसे संपर्क किया और 10 लाख रुपये के लेनदेन का झांसा दिया।
लालच में आकर आरोपी शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास पैसे लेने पहुंचे। पहले से तैयार बैठे हिमांशु गोयल और उनके स्टाफ ने मौके पर ही घेराबंदी कर दोनों आरोपियों—धनराज भांभू और सुनील कुमार लखेसा—को पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आरोपियों को सराय रोहिल्ला थाने ले जाया गया।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकली नोटों जैसी दिखने वाली रद्दी और कुछ असली नोट बरामद किए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साजिश और जाली मुद्रा से जुड़े अपराध शामिल हैं।
पीड़ित हिमांशु गोयल ने बताया कि कैसे आरोपियों ने उन्हें गारंटी मनी के नाम पर 25 लाख रुपये के पैकेट दिए, जिनमें ऊपर असली नोट और अंदर सिर्फ कागज भरे थे। उन्होंने कहा कि बाद में खुद जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ना पड़ा, जिसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस अब इस गैंग के नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी में और कितने लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध लेनदेन में सतर्क रहें।



