Deendayal Upadhyay: दीनदयाल उपाध्याय जन्म उत्सव पर पुस्तक विमोचन समारोह
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म उत्सव के अवसर पर एक गरिमामयी पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश की सांस्कृतिक और वैचारिक धारा को दिशा देने वाले महापुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय के योगदान और विचारों को याद किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में उनके सिद्धांतों और एकात्म मानववाद की भावना को पुनः स्थापित करना था।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय संस्कृति और वैचारिक विरासत को सहेजने का कार्य करते हैं।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उमाशंकर पांडे उपस्थित रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता महेश शर्मा ने की। मंच से उन्होंने पंडित उपाध्याय के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं का उल्लेख किया और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
समारोह में मुख्य वक्ता प्रोफेसर वंदना झा ने विस्तृत रूप से दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर प्रकाश डाला। संपादक अर्चना त्रिपाठी ने पुस्तक की रूपरेखा और महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि यह पुस्तक समाज में वैचारिक चेतना जगाने का कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त अन्य विद्वानों ने भी अपने विचार साझा किए और कहा कि इस तरह के विमोचन समारोह समाज में बौद्धिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
VLMS पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन और संबोधन नित्यानंद त्रिपाठी जी ने किया, जिन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की पृष्ठभूमि और महत्व पर विस्तार से चर्चा की। समारोह का समापन राष्ट्र निर्माण और समाज कल्याण के संकल्प के साथ हुआ।



