BRICS Summit 2026: दिल्ली-NCR पुलिस की बड़ी इंटर-स्टेट बैठक, बॉर्डर पर 24×7 चेकिंग और ट्रैफिक प्लान पर मंथन
नई दिल्ली। आगामी BRICS Summit-2026 को लेकर दिल्ली-NCR में सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सम्मेलन के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के ईस्टर्न रेंज की ओर से इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के तीन जिलों के साथ नोएडा और गाजियाबाद पुलिस तथा ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का आयोजन ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के आईपी एक्सटेंशन स्थित DCP ऑफिस कॉम्प्लेक्स के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। इसकी अध्यक्षता ईस्टर्न रेंज के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मिलिंद महादेव डुम्बेरे, IPS ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य BRICS Summit के दौरान दिल्ली और पड़ोसी NCR क्षेत्रों के बीच सुरक्षा संबंधी समन्वय को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करना रहा।
बैठक में ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के DCP राजीव कुमार, नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के DCP राहुल अलवाल और शाहदरा डिस्ट्रिक्ट के DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा मौजूद रहे। इनके अलावा नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के DCP स्तर के अधिकारियों तथा दिल्ली-NCR की ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तैयारियों पर चर्चा की।
अधिकारियों ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। BRICS Summit जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान दिल्ली में आने-जाने वाले मार्गों और NCR की सीमाओं पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की रणनीति पर विचार किया गया।
बैठक में इंटर-स्टेट और इंटर-डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन को मजबूत करने के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग, बॉर्डर विजिलेंस, ट्रैफिक मैनेजमेंट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी इनपुट की जानकारी संबंधित जिलों और पुलिस इकाइयों तक तत्काल पहुंचनी चाहिए।
दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के सीमावर्ती क्षेत्रों में 24 घंटे संयुक्त चेकिंग और निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत बॉर्डर क्षेत्रों में वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच रियल टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
सुरक्षा तैयारियों के तहत किरायेदारों और घरेलू सहायकों के सत्यापन को भी महत्वपूर्ण माना गया है। संबंधित पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में वेरिफिकेशन अभियान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके साथ होटल, गेस्ट हाउस, PG, साइबर कैफे और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी तथा सुरक्षा जांच बढ़ाने पर चर्चा हुई।
BRICS Summit के दौरान संभावित हवाई सुरक्षा खतरों को लेकर भी पुलिस सतर्क रहेगी। बैठक में ड्रोन, पैराग्लाइडर और रिमोट कंट्रोल से संचालित अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की निगरानी पर चर्चा की गई। ऐसे खतरों की पहचान और समय रहते कार्रवाई के लिए एरियल विजिलेंस मजबूत करने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सम्मेलन के दौरान यातायात व्यवस्था पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी। इसी को देखते हुए दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की ट्रैफिक पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। संभावित ट्रैफिक प्रतिबंधों, डायवर्जन, बॉर्डर चेकिंग और सामान्य वाहनों की आवाजाही को यथासंभव सुचारु रखने के लिए संयुक्त योजना पर विचार किया गया।
बैठक में वीआईपी और विदेशी डिग्निटरीज की आवाजाही से जुड़ी सुरक्षा तैयारियों की भी समीक्षा हुई। उनके लिए निर्धारित मार्गों की सुरक्षा, रूट मैनेजमेंट, पुलिस तैनाती, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े पहलुओं पर अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की।
संबंधित ACsP और SHOs को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीन तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तार से ब्रीफ करें। पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा इनपुट की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
दिल्ली पुलिस के ईस्टर्न रेंज के मुताबिक, BRICS Summit-2026 को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पड़ोसी जिलों और ट्रैफिक पुलिस इकाइयों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-गाजियाबाद सीमाओं पर निगरानी से लेकर इंटेलिजेंस शेयरिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और इमरजेंसी रिस्पॉन्स तक विभिन्न स्तरों पर तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है।



