MCD Employees: 1998 से 2000 तक के 93 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का आदेश जारी, लंबे समय से कर रहे थे सेवा
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम में लंबे समय से कच्चे कर्मचारी के रूप में सेवा दे रहे 93 कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। वर्ष 1998 से 2000 तक के इन कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश दिल्ली नगर निगम मुख्यालय स्थित DEMS विभाग से जारी होने के बाद संबंधित जोन में भेज दिया गया है, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
DEMS कमेटी के अध्यक्ष संदीप कपूर ने कर्मचारियों को नियमित किए जाने के फैसले की जानकारी देते हुए सभी 93 कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्षों से नगर निगम में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण और खुशी का अवसर है।
संदीप कपूर के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मेयर प्रवेश वाही के निर्देश के बाद कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद DEMS विभाग की ओर से आदेश जारी कर संबंधित जोन तक भेज दिया गया है।
वर्ष 1998 से 2000 के बीच सेवा से जुड़े इन कर्मचारियों को लंबे समय से नियमित होने का इंतजार था। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। नियमितीकरण से कर्मचारियों को सेवा से जुड़े नियमों के अनुसार मिलने वाले लाभों और सुविधाओं का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है।
संदीप कपूर ने कहा कि दिल्ली नगर निगम की सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में DEMS विभाग और उससे जुड़े कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारी प्रतिदिन दिल्ली की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए काम करते हैं। ऐसे में लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नियमित होने के बाद कर्मचारी और अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे तथा राजधानी को साफ, सुंदर और स्वच्छ बनाने में पहले से अधिक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मेहनत सीधे तौर पर दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी हुई है।
DEMS कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि निगम कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को उनका अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
93 कर्मचारियों के नियमितीकरण का आदेश संबंधित जोन में पहुंचने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कर्मचारियों के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें कई कर्मचारी दो दशक से अधिक समय से नगर निगम की व्यवस्था का हिस्सा बने हुए हैं।
इस फैसले से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, निगम की ओर से सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।



