CJP Leaders Released: तिहाड़ जेल से रिहा हुए सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, कोर्ट ने पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग ठुकराई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को सात दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दोनों नेताओं की हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट अदालत ने दोनों नेताओं द्वारा प्रस्तुत जमानत बांड और मुचलके स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया। इस मामले में अगली अदालती सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे तय की गई है।
गौरतलब है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि नेताओं ने प्रतिबंधित सुरक्षा घेरा पार किया और पूर्व में दिए गए शांति बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया। 14 अक्टूबर को अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था, जिसकी अवधि 19 अक्टूबर को दो दिन के लिए और बढ़ाई गई थी। हालांकि बुधवार को अदालत ने पुलिस की दलीलों को अपर्याप्त मानते हुए राहत प्रदान की।
अदालत से जमानत प्राप्त करने के दौरान दोनों नेताओं ने लिखित आश्वासन दिया कि वे कानून के दायरे में रहकर शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे और जब तक जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में विधिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक वहां भीड़ नहीं जुटाएंगे। सीजेपी की विधिक सलाहकार रत्ना सिंह ने रिहाई का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब किया गया था, लेकिन न्याय की जीत हुई है। इससे पूर्व नेताओं ने हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस लेकर मजिस्ट्रेट अदालत में नियमित प्रक्रिया का पालन किया था। जेल से बाहर आने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का स्वागत किया, वहीं पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े विधिक तथ्यों की समीक्षा जारी रहेगी।



